मतदान के बाद बोलीं ममता-मैंने ऐसा लोकतंत्र कभी नहीं देखाः जताई नाराजगी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य विधान सभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के दौरान केंद्रीय बलों पर अति करने और मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार ममता बनर्जी ने अपना वोट डालने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि सीआर पीएफ और पर्यवेक्षक लोगों की पिटाई कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहाकि वे महिलाओं और बच्चों तक को नहीं छोड़ रहे हैं। कल से उन्होंने इतने लोगों को गिरफ्तार किया है। मैंने इस तरह का लोकतंत्र कभी नहीं देखा। यह अदालत की अवमानना है। केंद्रीय बल लोगों को इस तरह प्रताड़ित नहीं कर सकते। बूथों पर राज्य की पुलिस मौजूद नहीं है। मैं 1984 से चुनाव लड़ रही हूं, लेकिन मैंने ऐसी प्रताड़ना कभी नहीं देखी।
मतदान के दिन अपनी सामान्य दिनचर्या से इतर, ममता बनर्जी सुबह ही घर से बाहर निकल गईं और घोषणा की कि वे पूरा दिन सड़कों पर रहकर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगी और वह ऐसा एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार के रूप में करेंगी। सुश्री बनर्जी ने निवर्तमान मंत्री और कोलकाता पोर्ट से पार्टी उम्मीदवार फिरहाद हकीम के आवास पर केंद्रीय बलों और पुलिस पर्यवेक्षक के देर रात पहुंचने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और इसे डराने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहाकि बॉबी (फिरहाद हकीम) की पत्नी घर पर थीं और वे आधी रात को दरवाजा खटखटा रहे थे। महिलाएं दहशत में थीं।
मतदान के दूसरे चरण में सभी की निगाहें भवानीपुर पर टिकी हैं, जहां सुश्री बनर्जी का मुकाबला भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी से है। कालीघाट स्थित अपने आवास से निकलने के बाद सुश्री बनर्जी ने पहले चेतला क्षेत्र का दौरा किया और फिर पद्मपुकुर रोड की ओर बढ़ गईं। वे कई बूथों पर रुकीं और एक बूथ का बारीकी से निरीक्षण करने के लिए अपनी कार से नीचे भी उतरीं। चेतला के दौरे के दौरान उन्होंने हकीम से मुलाकात की और मीडिया से कहाकि वे दिन भर अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहकर एक के बाद एक बूथों का दौरा करती रहेंगी।
