बड़ी उपलब्धिः डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से मिली बहुप्रतीक्षित स्वीकृति
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के नेताजी सुभाष चंद्र बोस छलेसर परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल साइंसेस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को फार्मैसी काउंसिल आफ इंडिया (पीसीआई) से विभिन्न फार्मेसी पाठ्यक्रमों के संचालन की आधिकारिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
पीसीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह स्वीकृति फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत निर्धारित शिक्षक-छात्र अनुपात की शर्तों के अनुरूप प्रदान की गई है, जो संस्थान की गुणवत्ता और मानकों को दर्शाती है। इनमें एम.फार्म तीन प्रमुख विषयों के पाठ्यक्रमों को (सत्र 2026-27) की 9 सीटों की स्वीकृति मिली। वहीं फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री 3 सीटें, फार्माकोग्नोसी 9 सीटों की स्वीकृति मिली।
बी.फार्म में निरंतर मजबूती
बी.फार्म पाठ्यक्रम पहले से ही सत्र 2025-26 के लिए 60 सीटों के साथ स्वीकृत था। अब सत्र 2026-27 के लिए भी 60 सीटों के संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है।
फार्म.डी. और फार्म.डी. (पीवी) को भी मिली मंजूरी
फार्म.डी. (पीवी ) की 10 सीटें (सत्र 2026-27 के लिए स्वीकृत। जबकि फार्म.डी. 30 सीटें सत्र 2026-27 के लिए अनुमति मिली।
डी.फार्म को भी निरंतर स्वीकृति
डी.फार्म पाठ्यक्रम को सत्र 2025-26 तक 60 सीटों के लिए मान्यता प्राप्त थी, जबकि सत्र 2026-27 के लिए 30 सीटों की अनुमति प्रदान की गई है। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आगरा एवं आसपास के विद्यार्थियों को फार्मेसी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी। यह कदम युवाओं को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहाकि यह सफलता विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उन्हें वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाना है। फार्मेसी क्षेत्र में यह विस्तार छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। मैं सभी छात्रों को शुभकामनाएं देती हूं कि वे इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करें।
