योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा को अखिलेश ने बताया विपक्ष में बैठने का अभ्यास

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लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहाकि विधायिका में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने वाले संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा भाजपा के विपक्ष में बैठने का अभ्यास है। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने कहाकि यह पदयात्रा अभ्यास थी। यह दर्शाता है कि विपक्ष में बैठने पर उन्हें इसी तरह का आंदोलन करना होगा। यह पहली सरकार है जो सत्ता में रहते हुए विपक्ष के रूप में काम करने का अभ्यास कर रही है।
सत्तारूढ़ भाजपा ने कांग्रेस और सपा समेत अन्य विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने में रुकावट डालने का आरोप लगाते हुए लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पांच कालिदास मार्ग से विधान भवन तक मंगलवार को जनाक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि आज हमारी बहनों के नेतृत्व में लखनऊ में जनाक्रोश मार्च निकाला जा रहा है। यह मार्च देश में विशेष रूप से आधी आबादी के बीच कांग्रेस, सपा, टीएमसी और द्रमुक के महिला-विरोधी रवैये के खिलाफ व्याप्त रोष का प्रतीक है।
इस पदयात्रा के समाप्त होने के कुछ देर बाद ही सपा मुख्यालय में विभिन्न दलों से आए नेताओं को पार्टी में शामिल कराने के बाद यादव ने अपने संबोधन में कहाकि सुना है कि लखनऊ में पदयात्रा हो रही थी, लेकिन इतनी भीषण गर्मी में कोई काला चश्मा नहीं लगाया था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहाकि और ये जो पदयात्रा थी वह अभ्यास है कि विपक्ष में रहकर ऐसे ही आंदोलन करना पड़ेगा। यह पहली सरकार है जो सरकार में रहकर विपक्ष में रहने का अभ्यास कर रही है। यादव ने कहाकि इससे पहले शायद किसी सरकार ने अपने ही बनाए कानून के लिए इतना संघर्ष नहीं किया होगा, जितना यह संघर्ष कर रही है।

 

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