व्यापारी एकता के आगे झुका नगर निगम, मेयर के ट्रेड लाइसेंस शुल्क खत्म करने के वादे रुका आंदोलन
सर्राफा कारोबारियों का ऐलान वादा तोडा तो फिर सड़कों पर उतर करेंगे आंदोलन
दुकानों की चाबियां निगम को सौंप सर्राफा कारोबारियों ने प्रदर्शन की दी चेतावनी
आगरा। ट्रेड लाइसेंस शुल्क के विरोध में सर्राफा व्यापारियों की एकता के आगे नगर निगम को झुकना पडा। मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने मुलाकात के दौरान व्यापारियों को आश्वासन दिया कि आगामी कार्यकारिणी बैठक में ट्रेड लाइसेंस शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इस पर व्यापारियों ने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया, लेकिन साफ चेतावनी दी कि वादाखिलाफी पर व्यापारी उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
आगरा सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि मेयर के आश्वासन पर फिलहाल व्यापारियों ने आंदोलन को टाल दिया है। उन्होंने कहाकि यदि अगली कार्यकारिणी बैठक में शुल्क समाप्त करने की औपचारिक घोषणा नहीं की गई तो व्यापारी फिर से सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।
नितेश अग्रवाल ने दो टूक कहाकि मांग पूरी न होने पर सर्राफा व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां नगर निगम को सौंप जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे। ऐसी स्थिति में सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अशोक कुमार अग्रवाल और बृजमोहन रैपुरिया ने कहाकि टर्नओवर आधारित ट्रेड लाइसेंस शुल्क सर्राफा व्यापार के लिए पूरी तरह अव्यावहारिक है। सोना-चांदी की ऊंची कीमतों के कारण कागजी टर्नओवर अधिक दिखाई देता है। जबकि वास्तविक लाभ सीमित होता है। ऐसे में यह शुल्क छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भारी आर्थिक बोझ बन जाएगा।
व्यापारियों ने एक स्वर में मेयर से मांग की कि व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को शीघ्र समाप्त किया जाए। ताकि बाजार में असंतोष की स्थिति न बने। इस मौके पर मनोज गुप्ता, मयंक अग्रवाल, गणेश चंद्र गोयल, राजकुमार अग्रवाल, अनिल मित्तल, पवन कुमार वर्मा, विजय अग्रवाल, जुगल अग्रवाल, अनिल नागवानी, प्रमोद मेडतवाल, संजय गुप्ता, सुरेश लवानिया, अभिमन्यु वर्मा सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।
