अपने कृत्यों से बचने को जनप्रतिनिधियों का सामना नहीं कर रहे नगरायुक्तः महापौर

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महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा पार्षदों द्वारा पारित निंदा प्रस्ताव

महापौर को है सदन की बैठक बुलाने और स्थगित करने का अधिकार, अधिकारियों को आदेश अनुपालन जरूरी

आगरा। नगर निगम सदन की बैठक में नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के विरुद्ध पास निंदा प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेज दिया गया। महापौर ने आरोप लगाया कि नगरायुक्त द्वारा अपने चेहते ठेकेदारों को ऑफ लाइन टेण्डर के जरिए करोड़ों रूपये की गई वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत शासन में की गई है। इससे क्षुब्ध होकर नगरायुक्त सदन से बच रहे हैं। महापौर ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी उन्होंने अंतिम समय तक बैठक का एजेंडा जारी नहीं किया था।

महापौर ने स्पष्ट किया कि पार्षदों में विकास कार्यों की अनदेखी करने को लेकर भी नगरायुक्त और निगम के अन्य अधिकारियों के खिलाफ रोष है। जबकि नियमानुसार सदन बुलाने व स्थगित करने का अधिकार महापौर का है। महापौर ने कहाकि 9.मार्च को उनके द्वारा नगर आयुक्त को पत्र प्रेषित किया गया जो दिनांक 10 मार्च को उनके कार्यालय में प्राप्त करा दिया गया। इसके बावजूद नगर आयुक्त द्वारा 23 मार्च को होने वाली सदन की बैठक कोई भी सूचना एजेण्डा पार्षदों को उपलब्ध नही कराया गया। इससे पार्षदों भारी आक्रोष है। इस सम्बन्ध में महापौर ने मण्डलायुक्त, आगरा से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी।

महापौर ने आरोप लगाया कि पूर्व की सदन की बैठक में पार्षदों के क्षेत्र में 50-50 लाख की धनराशि के कार्य कराये जाने और 10-10 सफाई मित्र पार्षद वार्डों में रखे जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। पार्षदों द्वारा 50-50 लाख के कार्यो की सूचियां भी नगर आयुक्त को उपलब्ध करा दिये गये थे, लेकिन किसी भी प्रस्ताव पर अनुपालन न करने के कारण नगर निगम के सामान्य सदन में जबाबदेही से बचने के लिए उनके द्वारा सदन की बैठक का एजेण्डा न भेजने का षड़यंत्र रचा गया।

महापौर ने ऐसा आगरा नगर निगम के इतिहास में पहली बार हुआ है कि अधिकारी विहीन सदन संचालित हुआ हो। यह नगर निगम के इतिहास में काला दिवस होगा। नगर निगम के सदन में उपस्थित 81 पार्षदों के बीच अधिकारियों की गैर मौजूदगी में बैठक हुई। पार्षदों ने अपने क्षेत्रों में विकास कार्य न होने और 14 अप्रैल को बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जयन्ती के आयोजन पर विकास कार्य कराने आदि पर चर्चा की गई। पार्षदों ने नगर आयुक्त अंकित खण्डेलवाल, और उनके अधीनस्थ समस्त अधिकारियों की बैठक में अनुउपस्थिति पर आक्रोश जताते हुए निन्दा प्रस्ताव पारित किया। महापौर ने नगर आयुक्त अंकित खण्डेलवाल द्वारा अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने के कारणों की जांच कराकर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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