अयोध्या की तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि में बनेगा मंदिरः योगी
ब्रज के कण-कण में रची-बसी हैं कन्हैया की यादें
ब्रज के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये की सौगात
मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का उद्घोष किया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहाकि ब्रज की रज-रज, कण-कण में कृष्ण कन्हैया की यादें रची-बसी हैं। राधारानी की स्मृतियां रची-बसी हैं। यदि कृष्ण कन्हैया की कृपा होगी तो अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनेगा। इसके पहले उन्होंने ब्रज के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये से गति देने के प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
मथुरा से वृंदावन के बीच फोरलेन सड़क निर्माण पर गहन मंथन हुआ। इस मार्ग पर भविष्य में मेट्रो का संचालन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम को वृंदावन में ब्रज के विकास पर गहन मंथन करने के उपरांत मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। सीएम ने उद्बोधन की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण, गंगा-यमुना, भारत माता, गोमाता और हर-हर महादेव के जयकारों से की।
उन्होंने कहाकि ब्रज की रज-रज में, कण-कण में कृष्ण कन्हैया की यादें रची-बसी हैं। राधारानी की स्मृतियां रची-बसी हैं। होली के मैं देख रहा था कि लाखों श्रद्धालु मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, नंदगांव, बरसाना में उत्साह के साथ जुटे थे। होली के त्योहार पर यह उत्साह अभिभूत करने वाला था। मुख्यमंत्री ने कहाकि यह त्योहार, परंपराएं हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहाकि जीवन में नकारात्मकता, अराजकता का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहाकि जिस तरह से अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर स्थापित हुआ है, यदि कृष्ण कन्हैया की कृपा रही तो मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर तैयार होगा।
इसके पहले मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन मार्ग में बदलने के प्रस्ताव पर मंथन किया। कहाकि रेलवे से समन्वय करके भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करें ताकि इस फोरलेन का काम जल्द शुरू हो सके। भविष्य में इसी मार्ग पर एलीवेटेड मेट्रो का निर्माण भी होगा। सीएम ने चैरासी कोस परिक्रमा मार्ग के विकास, छाता क्षेत्र के अजीजपुर गांव में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम, 36 वनों के इको-रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट, यमुना रिवर फ्रंट पर मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

