खामनेई की मौत के बाद अयतुल्लाह अलीरेजा अराफी बने ईरान के नए अंतरिम सुप्रीम लीडर

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तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच ईरान की सत्ता में सबसे बड़ा उलटफेर हुआ है। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को ईरान का नया अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। इस घटना ने न केवल ईरान बल्कि पूरे विश्व की राजनीति में हलचल मचा दी है।

अयातुल्ला अलीरेजा अराफी ईरान के वरिष्ठ धार्मिक नेताओं में से एक हैं। उन्हें ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद में न्यायविद सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जो अब सुप्रीम लीडर की सभी जिम्मेदारियां निभाएंगे। उनका मुख्य दायित्व संक्रमण काल के दौरान देश की शासन व्यवस्था को स्थिर रखना और नए स्थायी सर्वोच्च नेता के चयन तक नेतृत्व प्रदान करना है।

ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर पिछले 35 वर्षों से काबिज 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की शनिवार को हुए भीषण हवाई हमलों में मृत्यु हो गई। इजराइल और अमेरिका के संयुक्त ऑपरेशन लायन रोर के दौरान तेहरान स्थित उनके आवास पर करीब 30 बम गिराए गए, जिससे इमारत पूरी तरह जमींदोज हो गई और खामेनेई का शव मलबे के नीचे से बरामद हुआ।

कैसे काम करेगी ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद?

ईरानी संविधान के प्रावधानों के अनुसार, सुप्रीम लीडर की मृत्यु के बाद एक अंतरिम परिषद का गठन किया जाता है जो देश के प्रशासन और सुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले लेती है। इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश गुलाम-हुसैन मोहसनी एजई और गार्जियन काउंसिल के वरिष्ठ धर्मगुरु शामिल हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने अब एक भयावह रूप ले लिया है। सोशल मीडिया और समाचार एजेंसियों पर तस्वीरों और वीडियो की लहर दिखाई दे रही है, जिनमें तेहरान और देश के अन्य हिस्सों पर हुई भारी बमबारी, धुएं से भरे शहर, टूटे-फूटे ढांचे, और आपदाग्रस्त नागरिकों के रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर शामिल हैं।

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