आगरा रेल मंडल के छाता-कोसीकलां खंड में तीसरी-चैथी लाइन पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू
आगरा। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल के छाता-कोसीकलां खंड में तीसरी और चैथी लाइन पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक कमीशन कर दी गई है। इस नई तकनीक के माध्यम से अब ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे कम दूरी पर भी सुरक्षित रूप से चलाई जा सकेंगी। इससे खंड की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ट्रेनों की समय पालन (पंक्चुअलिटी) में सुधार आएगा। साथ ही, इस उन्नत प्रणाली से मानवीय त्रुटियों की संभावना में कमी आएगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और अधिक सुनिश्चित होगी।
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह, प्रधान मुख्य सिग्नल व दूरसंचार अभियंता सतेंद्र कुमार, मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल और मुख्य सिग्नल वं दूरसंचार अभियंता (प्रोजेक्ट-द्वितीय) भोलेंद्र सिंह के मार्गदर्शन और देखरेख में प्रोजेक्ट यूनिट टूंडला द्वारा आटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक कमीशन की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में आगरा मंडल के भूतेश्वर-वृंदावन, वृंदावन-अझई, अझई-छाता और छाता-कोसीकलां खंडों में तीसरी और चैथी लाइनों पर कुल 40 किलोमीटर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली चालू की जा चुकी है। यह उपलब्धि उत्तर मध्य रेलवे आगरा मंडल की संरक्षा, क्षमता वृद्धि और समयबद्ध रेल संचालन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

