यूपी बजट सत्रः 11 फरवरी को आएगा 9 लाख करोड का भारी भरकम बजट, सोमवार से विधानमंडल का सत्र शुरू होगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार, 9 फरवरी से शुरू हो रहा है। इस सत्र का आगाज पूर्वान्ह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दोनों सदनों के संयुक्त संबोधन के साथ होगा। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पेश होने वाले इस अंतिम पूर्ण बजट से जनता को बड़ी उम्मीदें हैं। सरकार इस बार करीब 9 लाख करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश कर सकती है, जो प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा।
बजट सत्र की रूपरेखा के अनुसार, पहले दिन यानी 9 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके अगले दिन, 10 फरवरी को दो दिवंगत विधानसभा सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। मुख्य बजट प्रस्ताव 11 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया जाएगा। सत्र 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर विस्तृत चर्चा के बाद विनियोग विधेयक पारित किया जाएगा। आगामी चुनावों को देखते हुए योगी सरकार इस बजट के जरिए किसानों, युवाओं और महिलाओं को साधने की कोशिश करेगी। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, कौशल विकास योजनाएं और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्रावधान किए जा सकते हैं। साथ ही किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं और खाद-बीज पर सब्सिडी बढ़ाने जैसे तोहफे भी बजट का हिस्सा हो सकते हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर रहेगा मुख्य फोकस
अनुमान जताया जा रहा है कि इस साल के बजट का एक बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे, पुलों का निर्माण, जेवर एयरपोर्ट जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स और शहरों के कायाकल्प के लिए सरकार भारी आवंटन कर सकती है। इसके साथ ही धार्मिक पर्यटन केंद्रों जैसे अयोध्या, काशी और मथुरा के विकास के लिए भी विशेष फंड की घोषणा होने की संभावना है।
हंगामेदार रहने के आसार विपक्ष ने कसी कमर
एक ओर जहां सरकार अपने विकास कार्यों का खाका पेश करेगी, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। सत्र के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं। विपक्ष ने सदन में अधिक बैठकें आयोजित करने और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग उठाई है।
