मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारत की संस्कृति और शिक्षा को किया नष्टः बागडे

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आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में बोले राजस्थान के राज्यपाल किसन राव बागडे

कहा भारत को गलत इतिहास पढाया गया, जोधा-अकबर कहानी का कोई आधार नहीं

आगरा। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने गुरुवार को केंद्रीय हिंदी संस्थान में भारतीय पुस्तकालय संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहाकि भारत को गलत इतिहास पढ़ाया गया। इसकी वजह से भारतीय मूल संस्कृति से भटक गए। उन्होंने भारतीय इतिहास, शिक्षा पद्धति और ज्ञान परंपरा को लेकर पश्चिमी दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहाकि हमें बताया गया कि न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण की खोज की। जबकि हमारे देश के भारद्वाज ऋषि ने सदियों पहले इसका महत्व बताया था। उन्होंने कहाकि राइट बंधु विमान के जनक हैं। जबकि सदियों पहले हमारे ऋषि भारद्वाज के ग्रंथ में यह सब कुछ लिखा हुआ है। यहां तक कि महाराष्ट्र में एक भारतीय ने 1500 फीट ऊंचाई तक विमान उड़ाया था, लेकिन अंग्रेज वह तकनीकी लेकर चले गए। उनकी समझ में नहीं आया तो उन्होंने अमेरिका को यह तकनीकी साझा कर दी। उन्होंने कहाकि अकबर जोधा की कहानी फिल्मों में बताई गई, इतिहास में बताई गईं, लेकिन इसका कोई आधार नहीं है। तक्षशिला, नालंदा विश्वविद्यालय जला दिया, 9 लाख पुस्तकों को आग लगा दी।

राज्यपाल बागडे ने कहाकि मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारत की संस्कृति, शिक्षा को नष्ट किया है। उन्होंने लाखों गुरुकुलों को बंद करा दिया। उन्होंने कहाकि प्राचीन काल से ही भारत में विज्ञान, चिकित्सा, तकनीक, भूगोल, आयुर्वेद, अंतरिक्ष समेत सभी विषयों का अध्यापन किया जाता था, लेकिन इस गौरवशाली विरासत को योजनाबद्ध तरीके से भुला दिया गया।

राज्यपाल ने कहाकि पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि पारंपरिक पुस्तकों की खरीद की तुलना में डिजिटल पुस्तकों की खपत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहाकि पुस्तकालयों को इस बदलाव के अनुरूप खुद को आधुनिक बनाना होगा, ताकि ज्ञान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। इस दौरान राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने विभिन्न विषयों पर प्रकाशित हुईं पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो.सुनील बाबूराव कुलकर्णी ने राज्यपाल को ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में राधा-कृष्ण की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल के केंद्रीय हिंदी संस्थान पहुंचने पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।

7 फरवरी तक चलेगी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय और भारतीय पुस्तकालय संघ, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार से शुरू हुई तीन दिवसीय 71वीं अंतरराष्ट्रीय पुस्तकालय संगोष्ठी 7 फरवरी तक चलेगी। संगोष्ठी का मुख्य विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में पुस्तकालय सेवाओं का रूपांतरण, पुस्तकालय सेवाएं, उपयोगकर्ता सहभागिता और सामुदायिक प्रभाव है। इसमें देशभर के शिक्षाविद, पुस्तकालय और सूचना विज्ञान विशेषज्ञ और शोधार्थी भाग ले रहे हैं।

 

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