योगी के समर्थन में इस्तीफा देने वाले अयोध्या के अधिकारी को शंकराचार्य ने बताया चापलूस
शंकराचार्य ने कहा, इस अधिकारी ने दिखाई स्वामी भक्ति कि मैं सीएम योगी का कितना बड़ा भक्त हूं
अयोध्या। सीएम योगी के समर्थन में अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर जीएसटी प्रशांत सिंह अपना इस्तीफ सौंप दिया है। सीएम योगी के पक्ष में इस्तीफा देने वाले जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर को शंकराचार्य ने चापलूस बताया। उन्होंने कहाकि ये अधिकारी चापलूसी कर रहा है।
शंकराचार्य ने मांग कि इस अधिकारी का इस्तीफा भी तत्काल प्रभाव से मंजूर किया जाए नहीं तो हम समझेंगे कि ये इनके बीच का है। उन्होंने कहाकि मैंने किसी के बारे में बुरा नहीं कहा। शंकराचार्य ने यूजीसी को लेकर बोले कि ये फैसला विभाजित करने वाला है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहाकि इस सरकार की अयोध्या पसंदीदा जगह है। वहां के अधिकारी ने इस्तीफा दिया है तो स्वामी भक्ति दिखाई है। इस इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह योजनाबद्ध चाल है। इसको भी सस्पेंड करके दिखाएं, लेकिन नहीं होगा, क्योंकि ये दिखावटी इस्तीफा है।
शंकराचार्य ने कहा कि मैने कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की। सैंकड़ो मंदिर तोड़े गए कि नहीं। आपने अपने सामने खड़े होकर मंदिरों को तुड़वाया है। हमने कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की है, बस वस्तुस्थिति कही है। इस्तीफा पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अयोध्या में जो अधिकारी नियुक्त किये जाते हैं वो सीएम के पसंदीदा अधिकारी होते हैं। इस अधिकारी ने स्वामी भक्ति दिखाते हुए दिखाया है कि मैं सीएम योगी का इतना बड़ा भक्त हूं। चाहे संन्यासी को मारा जाए। उन्होंने कहाकि ये अधिकारी चापलूसी कर रहा है। योगी आदित्यनाथ तुरंत इस्तीफा स्वीकार करके दिखाएं। ये सिर्फ दिखावटी इस्तीफा है। इससे ज्यादा कुछ नहीं होगा। कल अलंकार जी ने इस्तीफा दिया जिसका बहुत प्रभाव हो रहा है, फिर इनकी बैठक हुई कि इसको कैसे काटा जाये, फिर अयोध्या से अधिकारी का इस्तीफा दिला दिया, ये सब सोची समझी योजना है।
बता दें कि शंकराचार्य माघ मेले में विवाद होने के बाद से ही धरने पर हैं। इस बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने उनके समर्थन में इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सीएम योगी ने उसको निलंबित कर दिया था। अब सीएम योगी के समर्थन में अयोध्या के अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया। इस पर शंकराचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही उन्होंने इस अधिकारी के इस्तीफे को स्वीकार करने की मांग की है।
