भर्तियों में संवैधानिक रूप से अनिवार्य ओबीसी कोटा में लूट कर रही भाजपाः अखिलेश
समाजवादी पार्टी के मुखिया ने प्रदेश भाजपा सरकार पर लगाए आरोप
27 प्रतिशत आरक्षण में एक तिहाई हिस्से को खारिज कर रही सरकार
लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की भर्तियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को संवैधानिक रूप से अनिवार्य आरक्षण नहीं देने और पिछले पांच वर्षों में आरक्षित श्रेणियों के पदों की बड़े पैमाने पर लूट का आरोप लगाया। यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहाकि भाजपा संविधान के तहत ओबीसी के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण में लगभग एक-तिहाई हिस्से को खारिज कर रही है, जिससे उसका संविधान और आरक्षण विरोधी चेहरा उजागर हो रहा है।
सपा मुखिया ने पोस्ट के साथ एक चार्ट भी साझा किया और कहाकि पिछले पांच साल में हुई सभी भर्तियों में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के पदों की लूट हुई है। ये पिछली चार भर्तियों का लेखा-जोखा है। इन सभी भर्तियों में 30 हजार से अधिक पीडीए पदों की लूट हुई। चोरी पकड़े जाने के बाद सरकार ने तथाकथित समिति गठित की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, केवल मीडिया मैनेजमेंट हुआ।
अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि क्या ये पीडीए विरोधी सरकार बताएगी कि वह आखिरकार कब तक ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण की लूट करती रहेगी? आरक्षण का हक मारने के लिए नॉट फाउंड सूटेबल जैसे गैरकानूनी फार्मूले को अब अदालत में चुनौती देने का समय आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दरअसल भाजपा के एजेंडे में नौकरी है ही नहीं और पीडीए समाज के लिए तो बिल्कुल भी नहीं है। भाजपा जाए तो नौकरी-भर्ती आए।
