आगरा मंडल में रेल पटरियों को मिला डिजिटल सुरक्षा कवच
यूएसएफडी तकनीक से रेल पटरियों को किया जा रहा सुदृढ़
डिजिटल डेटा संग्रहण से संरक्षा को मिल रहा नया आयाम
यूएसएफडी तकनीक से ट्रैक की गहराई तक सुरक्षा सुनिश्चित
आगरा। रेल पटरियों की आंतरिक संरचना की सूक्ष्म जांच के लिए आगरा रेल मंडल में अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (यूएसएफडी) तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक रेल पटरियों में समय के साथ उत्पन्न होने वाले आंतरिक दोषों को चिन्हित कर लेती है, जिससे आवश्यक अनुरक्षण कार्य समय पर पूरा किया जा सके और ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित रह सके।
आगरा रेल मंडल में वर्तमान में लगभग 1509 किलोमीटर ट्रैक की नियमित रूप से यूएसएफडी मशीनों द्वारा जांच की जा रही है। इस जांच की आवृत्ति ट्रेनों के आवा गमन के घनत्व (जीएमटी) पर आधारित होती है। इसके जरिए मंडल के विभिन्न सेक्शनों में प्रत्येक दो से चार माह में ट्रैक की जांच की जाती है।
आगरा रेल मंडल की जनसम्पर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा रेल मंडल में वर्तमान में कुल 9 यूएसएफडी टीमों का गठन किया गया है। इनमें 13 प्रशिक्षित इंजीनियर कार्यरत हैं। ये सभी इंजीनियर बी-स्कैन यूएसएफडी मशीनों से लैस हैं। ये मशीनें ट्रैक की आंतरिक स्थिति को डिजिटल रूप में दर्ज कर तुरंत विश्लेषण की सुविधा प्रदान करती हैं। सभी टीमों को डिजिटल वेल्ड टेस्टर भी प्रदान किए गए हैं। ताकि वेल्डिंग खामियों का सटीकता से पता लगाया जा सके।
ट्रैक जांच के दौरान संपूर्ण कार्य का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, जिसे विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। वर्ष 2025-26 में मंडल के स्तर पर 3612.1 किलोमीटर ट्रैक, 24527 वेल्ड, 1673 टर्नआउट और 1745 स्वीच एक्सपेंशन जॉइंट्स की सूक्ष्मता से जांच की गई।


