त्योहारों के बीच यूपी में हाई अलर्ट!

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डीजीपी ने कानून व्यवस्था को लेकर जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

बाजारों में पुलिस को सक्रिय रहने व गोष्ठियां करने के निर्देश दिए

लखनऊ। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे त्योहारों को देखते हुए पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी ने सभी जोनल एडीजी, पुलिस आयुक्तों, रेंज आईजी-डीआईजी और जनपदों के एसएसपी-एसपी को निर्देश दिया है कि भीड़-भाड़ वाले बाजारों, सर्राफा इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।

राजीव कृष्णा ने कहाकि सादे कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी भी सक्रिय किए जाएं। ताकि चोरी, छेड़खानी और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नियंत्रण किया जा सके। त्योहारों के दौरान एंटी रोमियो स्क्वाड को पूरी तरह सक्रिय रखने और संवेदनशील इलाकों में सघन पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं गश्त पर रहेंगे और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पिकेट ड्यूटी व यूपी-112 वाहनों की तैनाती बढ़ाई जाए। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि किसी नई परंपरा को अनुमति नहीं दी जाए। जिन क्षेत्रों में पहले विवाद की स्थिति रही है, वहां प्रशासन और पुलिस के राजपत्रित अधिकारी पहले से स्थिति का आकलन कर लें।
डीजीपी ने शांति समितियों, व्यापार मंडलों, धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों से संवाद बढ़ाने के लिए थाना और जिला स्तर पर गोष्ठियां आयोजित करने के साथ ही संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी किए जाने और त्योहारों के दौरान घाटों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर विशेष पुलिस प्रबंध, बैरिकेडिंग और फ्लडलाइट की व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए। डीजीपी ने पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री को लेकर भी सख्ती बरतने को कहा है। निर्देश दिए कि केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं को ही आतिशबाजी बेचेने की अनुमति दी जाएगी और रिहायशी क्षेत्रों से दूर दुकानें लगेंगी।

विस्फोटक सामग्री पर निगरानी के निर्देश

डीजीपी ने फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। विस्फोटक सामग्री के परिवहन पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डीजीपी ने सोशल मीडिया की 24×7 मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं, जिसमें कहा गया है कि किसी भी भ्रामक पोस्ट या अफवाह पर तुरंत कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाए।

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