जनगणनाः घर-घर पहुंचेंगे गणनाकर्मी, पूछे जाएंगे 33 सवाल, 7 मई को होगा स्व-जनगणना का शुभारंभ

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7 से 21 मई तक होगी स्वगणना, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्यवाहीः जिलाधिकारी

मकान सूचीकरण, मकानों की गणना 22 मई से 20 जून तक घर-घर जाकर होगा

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आमजनता से की डिजिटल स्व-गणना की अपील

आगरा। देश की डिजिटल कुंडली यानी जनगणना 2027 का आगाज गुरुवार से हो रहा है। इस बार स्व-गणना के जरिए अब नागरिक खुद पोर्टल पर अपनी और अपने परिवार की जानकारी अपडेट कर सकते हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि पहली बार डिजिटल तरीके से डाटा जुटाया जाएगा। पहली बार 7 से 21 मई तक आमजन को स्वगणना के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इस दौरान नागरिक अपने मोबाइल या लैपटाप के जरिये पोर्टल पर जाकर सभी सवालों के जवाब व पूछी गई जानकारी भरें। 22 मई से 20 जून तक गणनाकर्मी घर-घर पहुंचकर सत्यापन, मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम करेंगे। सभी नागरिक जनगणना कार्य में सहयोग करें!

जनगणना के प्रथम चरण में 7 से 21 मई तक स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) अभि यान संचालित किया जाएगा। 7 मई को स्व गणना शुभारम्भ सांसद, विधायक, मंत्रीगण, प्रसिद्ध, और गणमान्य जन जनप्रतिनिधियों की स्व गणना से होगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्व गणना की आमजन को अपील जारी की जाएगी। सभी सरकारी अधिकारी, कर्मचारियों के स्वयं और उनके परिवारों की स्व गणना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद 22 मई से 20 जून तक घर-घर सर्वेक्षण (मकान सूचीकरण) का कार्य शुरू होगा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं और व्यापक स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने बताया कि स्वगणना के तहत नागरिक ऑन लाइन पोर्टल या क्यूआर कोड के माध्यम से स्वयं अपने और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। आमजन की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जनपद में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर संपर्क, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपील, विद्यालयों व महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम और विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर व पंपलेट के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा। शिक्षकों,व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने को निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि स्वगणना चरण के बाद 22 मई से शुरू होने वाले घर-घर सर्वेक्षण में गणनाकर्मी प्रत्येक मकान पर जाकर उसका विवरण दर्ज करेंगे। इस दौरान पूरे अभियान की सतत निगरानी व समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि वे सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य से अनुपस्थित रहने या ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले प्रगणक एवं सुपरवाइजर के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहाकि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्मिकों को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से जनगणना कार्य में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। जिलाधिकारी ने जनपद के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक स्व-गणना को बढ़ावा देने पर जोर दिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

डिजिटल स्व-गणना को अपनाने की अपील

जिलाधिकारी ने कहाकि इस बार जनगणना को अधिक पारदर्शी, सटीक और सरल बनाने के लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करें, अपने आसपास के लोगों को स्व जनगणना के लिए भी प्रेरित करें,जिससे प्रक्रिया तेज और त्रुटिरहित बन सके।

 

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