जीआरपी आगरा ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा 6 बालकों का उनके परिजनों से मिलाया

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आगरा। जब कोई अपना अचानक बिछुड़ जाए, तो वह पीड़ा परिवार को भीतर तक झकझोर देती है। ऐसी ही पीड़ा से गुजर रहे अनेक परिवारों को राहत देने के लिए जीआरपी आगरा कैंट ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा बच्चों को खोज कर उन्हें उनके परिजनों से मिलाया। इससे कई चेहरों पर वर्षों बाद मुस्कान लौट आई। आपरेशन मुस्कान के तहत आधा दर्जन बालकों को उनके परिवारों से मिलायाा।
गुमशुदा बच्चों की खोज के लिए जीआरपी आगरा कैंट ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के बालगृहों में मिले छह बालकों को उनके परिजनों से मिलाया। ऑपरेशन मुस्कान टीम को बाल गृह साथी शेल्टर होम नई दिल्ली में 13-14 वर्षीय 2 बालक मिले। उन्होंने अपना नाम व पता रायबरेली का बताया। बच्चों के बताए एड्रेस को गूगल मैप और स्ट्रीट व्यू की सहायता से मोबाइल नंबरों से संपर्क किया गया। थोड़ी देर बाद बच्चों के पिता के मोबाइल नंबर से बात हुई। बताया गया कि दोनों बालक अपने मामा के घर हरियाणा जा रहे थे, लेकिन दिल्ली स्टेशन आकर रास्ता भूल गए। दोनों बालको के माता-पिता 27 अप्रैल को सीडब्ल्यूसी के समक्ष हाजिर हुए और आवश्यक कार्यवाही कर बालको को अपनी सुपुर्दगी में लिया।
वहीं अपना घर आश्रम पहाड़गंज नई दिल्ली में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालक मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह रोहतक हरियाणा का रहने वाला है। , गूगल मैप की सहायता से बालक ने एक रास्ता पहचान लिया। उस रास्ते के पास एक दुकान पर दिशु क्लीनिक और फोन नंबर लिखा था जिस पर कॉल कर बालक के बारे में बताया गया। बालक के पिता किराए पर रहते हैं। कही मजदूरी करने गए है। कुछ समय बाद फोन पर बालक के पिता से बात हुई। बालक के बारे मे उन्होंने बताया कि वह कहीं निकल गया था। काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिला। इस पर बालक के पिता आवश्यक दस्तावेज लाकर सीडब्ल्यूसी-3 दिल्ली के समक्ष पेश हुए और द्वारा आवश्यक कार्यवाही कर बालक को उनके पिता की सुपुर्दगी में दिया गया।
ऑपरेशन मुस्कान टीम को अपना घर आश्रम पहाड़गंज नई दिल्ली में मिले 14 वर्षीय बालक ने पूछताछ में बताया कि वह सिकंदराबाद, टांडा, जिला अम्बेडकर नगर यूपी का है। उसने बताया कि उसकी मां और पापा अलग रहते हैं। वह अपने नाना के पास रहता है। वह दिल्ली घूमने आया था तभी एक अंकल ने मुझसे नाम पता पूछा तो वह डर की वजह से कुछ नहीं बता पाया और वो मुझे यहां ले आए। बालक ने अपने नाना का फोन नंबर बताया जिस पर बात की गई। इस पर बालक की माता न्यायालय सीडब्ल्यूसी-3 के समक्ष पेश हुई और आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की। इसके बाद बालक को उसकी माता के सुपुर्द कर दिया गया।
ऑपरेशन मुस्कान टीम को 14 वर्षीय आल्हओरन खुर्द पटियाला पंजाब निवासी एक बालक साथी शेल्टर होम नई दिल्ली में मिला। पूछताछ में बालक द्वारा बताए गए मोबाइल नम्बर पर उसे पिता से बात की गई। उन्होंने बताया कि वह घर से घूमने निकला था। रास्ता भूलने के कारण गुम हो गया। पूरी तस्दीक के बाद बालक के पिता 27 अप्रैल सीडब्ल्यूसी नई दिल्ली के समक्ष पेश हुए और आवश्यक कार्यवाही कर बालक को अपनी सुपुर्दगी में ले गए। वहीं साथी शेल्टर होम नई दिल्ली में मिले 15 वर्षीय बालक ने पूछताछ में खुद लूटसान खोरना सासनी हाथरस का रहने वाला बताया। बालक को परिजनों का मोबाइल नंबर याद नहीं था। बच्चे के बताए एड्रेस अनुसार सी प्लान एप की सहायता से सर्च किया गया तो गांव खोरना थाना सासनी हाथरस में निकला। बच्चे के पिता से बात हुई। पिता ने बताया कि वह उत्तम नगर दिल्ली में किराए पर रहते हैं। उनका बालक हमारे पास आ रहा था लेकिन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन रास्ता भटक गया। बालक के पिता ने 27 अप्रैल सीडब्ल्यूसी-3 नई दिल्ली के समक्ष हाजिर आवश्यक कार्यवाही कर बालक को अपनी सुपुर्दगी में लिया।

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