रेलवे सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराए तो बढ सकता है आलू ढुलाई राजस्व

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उद्यान विभाग, रेलवे, आलू व्यवसायी और कोल्ड स्टोर संचालकों की संयुक्त बैठक में आए कई सुझाव

आगरा। रेलवे के जरिए आलू व्यवसायी किस तरह अपने माल को परिवहन कर अपने व्यापार को बढाकर रेल राजस्व में इजाफा कर सकते हैं। इसको लेकर एक कार्यशाला अतिथिवन वाटर वक्र्स पर उद्यान विभाग और आगरा रेल मंडल के संयुक्त प्रयास से हुई। बैठक की अध्यक्षता उप निदेशक उद्यान आगरा मंडल मुकेश कुमार ने की। बैठक में आगरा और मथुरा के जिला उद्यान अधिकारियों, मंडी के अधिकारियों, दोनों जिलों के कोल्ड स्टोरेज मालिकों और आलू व्यापारियों ने भाग लिया।

बैठक में रेलवे के माध्यम से आलू परिवहन में आ रही समस्याओं में प्रमुख रूप से रैक उपलब्धता, लोडिंग-अनलोडिंग सुविधा, पारगमन समय, सुरक्षा और लागत से संबंधित दिक्कतों को रखा गया। बैठक में संजीव जाटव ने बताया कि वर्तमान में यमुना ब्रिज स्टेशन से उत्तर-पूर्व भारत के विभिन्न स्थानों जैसे सीजीएस, जेटीटी एन, एजैडए, और एससीए तक आलू की लोडिंग सफलतापूर्वक की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन गंतव्यों के लिए परिवहन दर 1 प्रति किमी प्रति टन से भी कम है, जिससे यह एक किफायती विकल्प है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन स्थानों के लिए कुल 32 वैगनों की लोडिंग की जा चुकी है। एडीएम आगरा ऋषिकांत ने बताया कि नाशवान माल की समयबद्ध ढुलाई सुनिश्चित करने के लिए बैैगनों और रैक की नियमित मॉनिटरिंग और फॉलो-अप किया जा रहा है। ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर गंतव्य तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में कुछ ग्राहकों द्वारा मांग रखी गई कि आलू एक नाशवान वस्तु है, जिसे वर्तमान में बिना वेंटिलेशन वाले ढके बैगनों में लोड किया जाता है। 4-5 दिनों के पारगमन समय के दौरान ऐसे बैगनों में आलू के खराब होने की संभावना बनी रहती है। इन वैगनों में उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था किए जाने का सुझाव दिया गया। ताकि आलू सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंच सके और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष भूपेश अग्रवाल ने बताया कि आगरा का आलू प्रीमियम गुणवत्ता का है और वर्तमान में अधिकांश मात्रा में दक्षिण भारत के क्षेत्रों में सड़क मार्ग से भेजा जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि रेलवे द्वारा सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए, तो इस ट्रैफिक को सड़क से रेल माध्यम की ओर स्थानांतरित किया जा सकता है।
वरिष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक निलेश चतुर्वेदी ने नेपाल और बांग्लादेश जैसे विदेशी बाजारों में आलू निर्यात के लिए उपलब्ध परिवहन सब्सिडी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर किसानों और व्यापारियों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकता है। साथ ही निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में सुझाव दिया गया कि यदि रेलवे द्वारा सस्ती दर, सुरक्षित परिवहन और न्यूनतम पारगमन समय सुनिश्चित किया जाए, तो आलू परिवहन के लिए रेल माध्यम को और अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है। इससे किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम होगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्राप्त सुझावों और समस्याओं का संकलन कर रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। ताकि शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके और क्षेत्र से आलू की रेल द्वारा ढुलाई को बढ़ावा दिया जा सके। बैठक में संजीव जाटव, सहायक वाणिज्य प्रबंधक आगरा, ऋषिकांत सहायक परिचालन प्रबंधक, अनिल कुमार सिंह उप निदेशक मंडी समिति, आगरा, अनीता सिंह डीएचओ आगरा, मनोज कुमार डीएचओ मथुरा, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष भूपेश अग्रवाल, निलेश चतुर्वेदी वरिष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक कृषि विपणन और विदेश व्यापार सहित एग्रीगेटर्स, किसान, व्यापारी और कोल्ड स्टोरेज संचालक उपस्थित रहे।

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