उप्र में प्रचंड गर्मी और लू का कहर जारी
लखनऊ। उप्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है। तन झुलसाने वाली धूप, गर्मी और लू ने सामान्य जनजीवन प्रभावित कर रखा है। ज्यादातर जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने लोगों को दिन में 11 से 3 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती वस्त्र पहनने और बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन और इसी तरह का मौसम रहने की उम्मीद है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते 28 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश के आसार हैं जिससे तापमान में 2-4 डिग्री की कमी आने से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग द्वारा जारी हीट वेव बुलेटिन में कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, झांसी, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, हाथरस और एटा समेत अनेक जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है।
राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी और बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज होने की संभावना है, जबकि आगरा, मथुरा, इटावा, फिरोजाबाद और अलीगढ़ मंडल में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और गौतमबुद्ध नगर में भी तेज गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के बाद हल्की गिरावट संभव है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि के संकेत हैं। 27 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा और बौछारें पड़ सकती हैं। जबकि 29 और 30 अप्रैल को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने किसानों को गन्ना, ग्रीष्मकालीन मक्का, दलहन और सब्जियों की सिंचाई नियमित रूप से जारी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
