डॉ. दीदी की मुहिम…दिव्यांग कैदियों को मिला सहारा…उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल और स्मृति संस्था ने जेलर को सौंपी ट्राईसाइकिल, वॉकर और बैसाखी
आगरा। समाज की मुख्यधारा से कटे और जेलों में बंद दिव्यांग कैदियों के जीवन में गुरुवार को राहत भरी पहल हुई। उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल और स्मृति संस्था ने अस्पताल परिसर में दिव्यांग कैदियों के लिए केन्द्रीय कारागार के जेलर को तीन ट्राईसाइकिल, 10 वॉकर और 10 जोड़ी बैसाखी भेंट कीं, ताकि उनकी बुनियादी जरूरतें खुद पूरी हो सकें और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो सकें। शीघ्र ही इस अभियान से लीडर्स आगरा परिवार भी जुड़ेगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहाकि उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल की पहल सराहनीय है। इसकी तरह दूसरे अस्पतालों को भी समाज सेवा के कार्य में आगे आना चाहिए। इससे जनता और डाॅक्टरों के बीच एक विश्वास पैदा होता है। डाॅक्टर मेहनत करते हैं। मरीजों की सेवा करते हैं। लोगों को डाॅक्टर के त्याग को समझना चाहिए। भारत में विदेश की तुलना में इलाज सस्ता है। यहां डाॅक्टर की फीस मात्र 200 रुपये होती है, वहीं अमेरिका में 2 हजार डाॅलर है। वहां इंतजार भी करना होता है, तुरंत समय नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि स्मृति संस्था की डायरेक्टर डाॅ. निहारिका मल्होत्रा से दिव्यांगों को ट्राई साइकिल, वाॅकर और बैसाखी वितरित करने का अनुरोध किया था।
इस मौके पर डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने कहाकि संस्था हमेशा से समाज के उपेक्षित वर्ग के लिए काम करती आई है। उन्होंने बताया कि जेल में बंद दिव्यांग व्यक्ति अक्सर सही स्वास्थ्य सुविधाओं और सहायक उपकरणों से वंचित रह जाते हैं। इन ट्राईसाइकिल और वॉकर से उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दिनचर्या के काम आसानी से कर सकेंगे। आपको बता दें कि डॉ निहारिका डॉ. दीदी के नाम से जानी जाती हैं। उनके नेतृत्व में संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है। वे जरूरतमंदों के लिए कार्य करती रहती हैं।
संस्था के चेयरमैन और उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के एमडी डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहाकि अस्पताल का केवल व्यावसायिक उद्देश्य नहीं होता, बल्कि समाजसेवा हमारा मूल कर्तव्य है। वहीं रेनबो आईवीएफ की एमडी और बांझपन विशेषज्ञ डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने कहाकि जीवन के हर क्षेत्र में संवेदनशीलता जरूरी है। दिव्यांग होना अभिशाप नहीं है, बल्कि सही सहारा मिले तो वे भी समाज की धड़कन बन सकते हैं। लीडर्स आगरा के महामंत्री सुनील जैन ने स्मृति की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि शीघ्र ही जिला जेल के दिव्यांगों को भी ऐसे उपकरण शीघ्र ही उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मृति संस्था की इस पहल में संजय डांग, नवीन खड़ेंचा, संजय वर्मा, कांति खत्री, रमन वासन, तान्या लाम्बा, सुनिधि अरोरा, दैनिका लाम्बा, सिमरन अवतानी, निकिता मगन, राकेश आहूजा, डॉ. इंदरपाल सिंह, मयूरी मित्तल और मनीषा लाम्बा ने सहयोग का हाथ बढ़ाया। संचालन सुनील जैन ने किया और अपनी पुस्तक चीफ गेस्ट को भेंट की। इस मौके डिप्टी सीएमओ पीयूष जैन, सेंट्रल जेल के जेलर संतोष कुमार वर्मा, मेडिकल ऑफिसर सुधांशु यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार, लीडर्स आगरा के सुनील जैन, सुनील बग्गा, विनीता सिंह, राजदीप सिंह, डॉ. केशव मल्होत्रा, डॉ. सिद्धार्थ दुबे, जोनल हेड तेज सिंह, मनप्रीत शर्मा, सेमी बंसल, अनीता यादव, लवकेश गौतम, अतुल गर्ग आदि मौजूद रहे।
