महापौर ने 69 ट्रेड मदों में लाइसेंस निरस्त करने के दिए निर्देश

0
07_11_2022-nagar_nigam_23187643

बोलीं, व्यापारी और जनमानस को नहीं होने देंगे परेशान

नगर निगम आगरा द्वारा लागू किया गया था ट्रेड लाइसेंस

व्यापारियों के विरोध पर महापौर ने नगरायुक्त को पत्र लिख दिए निर्देश

आगरा। व्यापारियों की चेतावनी आखिर रंग लाई और महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने नगर क्षेत्र में लागू 69 ट्रेड मदों में लाइसेंस व्यवस्था को निरस्त करने का ऐलान किया। इसके लिए महापौर ने नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को पत्र लिखकर ट्रेड टैक्स को रद्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि एक सितम्बर .2025 को नगर निगम सदन के 12 वें अधिवेशन की बैठक में 69 ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया था। उन्हें निरस्त कर दिया जाए। पहले से चले आ रहे टैक्स यथावत लागू रहेंगे।
महापौर ने कहाकि नगर क्षेत्र में लागू ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था के संबंध में शिकायतों और स्थलीय समीक्षा से यह तथ्य सामने आया कि वर्तमान प्रणाली में व्यापक अनिय मितताएं, अत्यधिक प्रशासनिक जटिलताएं और सम्भावित भ्रष्टाचार की स्थितियां विद्यमान हैं, जिसके कारण व्यापारियों और आम नागरिकों को अनावश्यक आर्थिक और मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहाकि हम सभी जनमानस की सेवा करने के लिए हैं। जनमानस और व्यापारियों को कोई भी परेशानी नहीं होने देंगे। इसलिए व्यापारियों के हित में और जनहित में इस व्यवस्था को निरस्त किया जा रहा है।
महापौर ने नगरायुक्त को लिखा है कि वर्तमान व्यवस्था, अधिनियम की धारा 298 (उपविधि निर्माण संबंधी प्रावधान) और धारा 541 (नियमों के प्रवर्तन और प्रशासनिक शक्तियां) की मूल भावना पारदर्शिता, सुगमता औश्र जनहित संरक्षण के अनुरूप प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर पा रही है। ऐसे में उपर्युक्त अधिनियम की धारा 298 और धारा 541 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, जनहित में यह अपेक्षा की जाती है कि वर्तमान ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कराते हुए इसे निरस्त (रद्द) करने की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए।

साथ ही, यह भी निर्देशित किया जाता है कि एक सरल, पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त वैकल्पिक प्रणाली विकसित कर शीघ्र लागू की जाए, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक बाधाओं से मुक्ति मिल सके तथा राजस्व और नियमन की प्रक्रिया भी सुचारु रूप से संचालित हो।

लंबे समय से व्यापारी कर रहे थे मांग

नगर निगम द्वारा ट्रेड टैक्स व्यवस्था लागू किए जाने के बाद से ही व्यापारियों में भारी आक्रोश था। शहर के विभिन्न व्यापारी संगठन ट्रेड टैक्स को निरस्त करने की मांग कर रहे थे, बीते दिनों नगर निगम आगरा में व्यापारियों के दल ने महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा से भी मुलाकात की थी, जिसमें महापौर ने ट्रेड लाइसेंस को चरणबद्ध तरीके से निरस्त करने के लिए आश्वासन दिया था।

इन्हें मिलेगा लाभ

नगर निगम आगरा द्वारा एक सितम्बर .2025 को नगर निगम सदन के 12 वें अधिवेशन की बैठक में 69 ट्रेड लाइसेंस मदों पर चर्चा के उपरांत मॉल व ब्रांडेड सामान के शोरूम, ब्रांडेड कपड़े के शोरूम, फाइनेंस कंपनी, टेंट हाउस, पेठा बनाने के कारखाने, बड़े थोक जनरल स्टोर, मार्बल के विक्रेता और टाइल्स के शोरूम, फाउंड्री, इंजीनियरिंग इंडस्ट्रियल कारखाने, पेंट की दुकान, डेयरी फार्म, ब्यूटी पार्लरध्एसी युक्त प्रतिष्ठान, ज्वेलर्स की दुकान, मोटर वाहन एजेंसी, स्कूटर एजेंसी (दो पहिया), स्कूटर एजेंसी (तीन पहिया), जूता बनाने के कारखाने (25 कर्मचारी से ऊपर), लोहा, टिन, सीमेंट, ईंट-बालू (थोक), मार्बल, टाइल्स, सेनेटरी, हार्डवेयर (फुटकर) की दुकान, मसाला, पान मसाले के कारखाने पर टैक्स लगाया गया था। महापौर द्वारा नगरायुक्त को निर्देशित किया गया है कि उक्त संशोधित मदों में ट्रेड लाइसेंस शुल्क को निरस्त किया जाता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *