नोएडा में हिंसक प्रदर्शन, 350 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़, कारें फूंकी, 150 गाड़ियां तोड़ीं, योगी ने हाईलेवल कमेटी बनाई
पगार बढाने की मांग को लेकर प्राइवेट कम्पनी कर्मचारियों का प्रदर्शन हुआ उग्र
नोएडा। दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक एरिया में पिछले 3 दिनों से सैलरी बढाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले मजदूर सोमवार को बेहद उग्र हो गए। श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर फेस-2 और सेक्टर-84 समेत कई एरिया में भारी तांडव मचाया है। करीब 3 सैकडा से अधिक फैक्टरियों में तोडफोड की गई। डेढ सौ से ज्यादा गाडियों को क्षतिग्रस्त किया गया। बवाल को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईलेवल कमेटी बनाई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में भारी तोड़फोड़ की। यहां तक कि पुलिस की एक गाड़ी को भी पलट दिया। दो अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली से नोएडा आने वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। नोएडा के अलग-अलग इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2, सेक्टर-15, कुलेसरा, सेक्टर-62 और सेक्टर-63 में हालात काफी गंभीर हैं।
खबरों के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के फेस-2 में मदरसन कंपनी के पास प्रदर्शन कर रहें कर्मचारी अचानक हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पथराव किया और सरकारी गाड़ियों को भी निशाना बनाया। इसके अलावा होजरी कॉम्प्लेक्स डी-ब्लॉक में रिचा ग्लोबल गारमेंट्स के कर्मियों ने भी सड़क पर उतरकर नारेबाजी की। ऐसा भी कहा जा रहा है कि बीते दिन यानी 12 अप्रैल रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने श्रमिकों के साथ बैठक करके उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रशासन की इस अपील और आश्वासन का मजदूरों पर कोई असर नहीं हुआ। चैथे दिन भी कर्मचारी सड़कों पर डटे रहें। श्रमिकों का कहना है कि जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाएगा प्रदर्शन जारी रहेगा।
ड्रोन से कड़ी निगरानी
कर्मचारियों के बवाल के बाद गौतमबुद्धनगर के कमिश्नरेट ने पूरे एरिया में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी है। सीनियर अधिकारियों द्वारा इलाके में कड़ी निगरानी की जा रही है। ड्रोन के माध्यम से भी चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
नोएडा के इन रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन
नोएडा ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि परी चैक, संदीप पेपर मिल मार्ग, सेक्टर 62 गोल चक्कर से एनआईबी पुलिस चैकी की तरफ जाने वाले रूट के पहले कट पर डायवर्जन करके यातायात का संचालन किया जा रहा है। पुलिस ने भारी बवाल को देखते हुए चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर से डीएनडी चिल्ला बॉर्डर होकर दिल्ली की तरफ जाने वाले ट्रैफिक का डायवर्जन कर संचालन किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस ने सुगम यातायात के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके अलावा रजनीगंधा चैक मार्ग भी ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से की अपील
पुलिस प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। लगातार श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तानुसार न्यूनतम बल प्रयोग किया जा रहा है। आम जनता किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस का सहयोग करें।
नोएडा के बाद पलवल और फरीदाबाद में भी प्रदर्शन
गुरुग्राम और नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद अब हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल में भी प्राइवेट कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारी भी सड़क पर उतर आए हैं। कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आवाज उठाई है। सोमवार 13 अप्रैल को सुबह पलवल में पृथला के पास प्राइवेट कंपनी की महिला कर्मियों ने वेतन बढ़ाने को लेकर दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे जाम कर दिया।
न्यूनतम वेतन का लाभ नहीं मिल रहा-वर्कर्स
प्रदर्शन कर रहीं महीला कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन उन्हें नहीं मिल रहा। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। प्रदर्शन के दौरान महिला कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से बढ़ी हुई सैलरी की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा, जिससे उनके परिवार का खर्च चला पाना भी मुश्किल हो रहा है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने हाईवे पर बैठकर विरोध जताया।
फरीदाबाद में भी कर्मचारियों का प्रदर्शन
फरीदाबाद में भी एक प्राइवेट कंपनी के कर्मियों ने भी सैलरी बढ़ाने को लेकर कंपनी के बाहर सड़क पर प्रदर्शन किया, जिसकी वजह से ट्रैफिक प्रभावित हो गया। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत शुरू करवाई। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों समस्या का समाधान करने की कोशिश की जा रही है।

