कैश विवाद के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, महाभियोग से पहले उठाया कदम
नई दिल्ली। कैश बरामदगी से जुड़े विवाद में घिरे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को त्यागपत्र भेजते हुए न्यायिक दायित्वों से अलग होने का निर्णय लिया।
जस्टिस वर्मा का नाम सामने आने के बाद उनके खिलाफ महाभियोग लाने की चर्चा तेज हो गई थी। इसी बीच उनका इस्तीफा सामने आने से घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। इससे पहले वे दिल्ली हाईकोर्ट में पदस्थ थे, जहां से उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट किया गया था। बताया जा रहा है कि उनके आधिकारिक आवास से कथित रूप से नकदी मिलने के मामले ने तूल पकड़ा था, जिसके बाद विवाद गहराता गया। इसी प्रकरण को लेकर उनके खिलाफ आंतरिक जांच भी जारी थी और संसद के जरिए हटाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही थी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर ही उनका स्थानांतरण दिल्ली से इलाहाबाद किया गया था। उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी, लेकिन अब विवाद के बीच उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है।
