रोजगार दे नही तो 10 हजार बेरोजगारी भत्ता दे योगी सरकारः संजय सिंह
रोजगार दो सामाजिक न्याय दो पदयात्रा का तीसरे दिन भी आगरा में आप सांसद संजय सिंह हुआ जोरदार स्वागत
पेपर लीक से बर्बाद हो रहा युवाओं का भविष्य, 94 लाख आवेदन पर सिर्फ 58 हजार नौकरियांः संजय सिंह
हाथरस की धरती पर अन्याय के खिलाफ जनआवाज बन रही पदयात्रा, जनता ने दिया ऐतिहासिक समर्थन
आगरा। बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आप की रोजगार दो-सामा जिक न्याय दो पदयात्रा को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। रविवार को तीसरे दिन आप यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह की पदयात्रा आगरा के खंदौली स्थित सूरज फार्म हाउस से शुरू होकर दोपहर को हाथरस की सीमा में प्रवेश करते हुए सादाबाद स्थित राधा कृष्ण मैरिज हॉल पहुंची। इस दौरान पदयात्रा का जबरदस्त स्वागत किया गया।
आगरा से शुरू हुई पदयात्रा के हाथरस में प्रवेश करने पर युवाओं, वकीलों, महिला ओं और बुजुर्गों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान शिक्षामित्र, आशा बहुएं, आंगनवाड़ी, और रेहडी पटरी वाले दुकानदारों ने आप नेता संजय सिंह को रोककर अपनी समस्याएं साझा कीं। लोग रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो के नारे लगाते हुए पदयात्रा में शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी की भयावह स्थिति को उजागर करते हुए कहाकि मनरेगा में 65 प्रतिशत गिरावट, भर्तियों में पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने से प्रदेश की रोजगार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 2025-26 में मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार पूरा करने वाले परिवारों की संख्या 6.15 लाख से घटकर मात्र 2.21 लाख रह गई है, जो सरकार की नीतियों की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।
आप नेता ने कहाकि 94 लाख आवेदन पर सिर्फ 58 हजार नौकरियां देना इस बात का सबूत है कि प्रदेश का युवा किस कदर बेरोजगारी से जूझ रहा है। ऊपर से पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही हैं। उन्होंने 2026 में पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती में पेपर लीक के आरोप, टेलीग्राम पर पेपर बिकने और 2025 में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रद्द होने का जिक्र करते हुए सरकार पर युवाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहाकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 25 करोड़ नागरिकों के मुख्यमंत्री हैं। वह केवल किसी विशेष जाति या धर्म के मुख्यमंत्री नहीं है। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समझनी चाहिए। संजय सिंह ने कहाकि अनपढ़ राजा को आपके बच्चों की पढ़ाई से कोई लेना-देना नहीं है। अस्पतालों की बदहाली, काला धन, गिरता हुआ रुपया और गैस का संकट जैसे गंभीर मुद्दे भी मोदी सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखते। इसके बजाय सरकार नफरत का जहर फैलाने में लगी है और जनता से कह रही है कि असली मुद्दों को भूलकर केरला फाइल्स देखो। जबकि हम कह रहे हैं कि देश को सच्चाई जाननी है तो एप्स्टीन फाइल्स देखो। ताकि ध्यान भटकाने की राजनीति के बजाय असली सवालों पर जवाबदेही तय हो सके।
संजय सिंह ने कहाकि उत्तर प्रदेश में दलित, महिला और युवा तीनों सबसे ज्यादा पीड़ित वर्ग बन चुके हैं। गांव में रोजगार नहीं, शहर में नौकरी नहीं और समाज में न्याय नहीं। भाजपा सरकार सिर्फ आंकड़ों में रोजगार दे रही है, जमीन पर बेरोजगार लाइन में खड़े हैं। उन्होंने कहाकि अगर युवाओं को तत्काल रोजगार नहीं दिया गया तो उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जाए, वरना आम आदमी पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष तेज करेगी।
इस दौरान आप नेता दिलीप पाण्डेय ने कहाकि हाथरस की धरती पर यह पदयात्रा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ जनआंदोलन बन चुकी है। जिस तरह जनता का समर्थन मिल रहा है, वह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और अन्याय के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने को तैयार है। इससे पहले जिला आगरा की सीमा समाप्त होने पर जिलाध्यक्ष पंडित सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने अपने तमाम साथियों के साथ संजय सिंह का फूल मालाओं से धन्यवाद किया। यात्रा में दिल्ली आप विधायक विशेष रवि, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, ब्रज प्रांत अध्यक्ष डॉ. हृदेश चैधरी, दिलीप बंसल, मेम्बर सिंह अशोक कमांडो, नीलम यादव, विनय पटेल, राजेश यादव, वंश राज दुबे, अंकुश चैधरी, जनक प्रसाद, जगदीश यादव, सुधाकर यादव, प्रशांत यादव, संजीव निगम, मनोज मिश्रा, अंजनी मिश्रा, भगत सिंह बघेल, शीलेन्द्र वर्मा, ताजुद्दीन खान, अरुण प्रताप, शीलेन्द्र वर्मा, आदि लोग मौजूद रहे।
