आगरा में अवैध गैस कारोबार पर चोट, 17 सिलेंडर बरामद, मौके से भागा आरोपी
आपूर्ति विभाग की नगला रामबल में की गैस कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई
टीम द्वारा मौके से गैस रिफिलिंग में प्रयुक्त उपकरण भी किए गए बरामद
आगरा। जिला पूर्ति विभाग ने मंगलवार को एक घर पर छापा मारकर अवैध रिफिलिंग सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यहां घरेलू सिलेंडरों से गैस चोरी कर व्यावसायिक सिलेंडरों में भरी जा रही थी। टीम ने मौके से 17 सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण बरामद किए हैं।
आगरा में रसोई गैस के लिए चल रही मारामारी के बीच सक्रिय आपूर्ति विभाग को मंगलवार को बडी सफलता मिली। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार को सूचना मिली कि कृष्णा विहार कॉलोनी नगला रामबल में अवैध गैस रिफिलिंग और भंडारण का काम चल रहा है। डीएसओ के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने दोपहर एक बजे सेंट्रल आगरा पब्लिक स्कूल के सामने वाली गली के एक मकान पर छापा मारा। यहां बाहरी अहाते में लगे केले के पेड़ों के पीछे छिपाकर रखे गए 6 व्यावसायिक सिलेंडर (4 खाली, 2 भरे) और 11 घरेलू सिलेंडर (7 भरे, 4 खाली) बरामद हुए। मौके से दो डबल साइड रिफलर (बांसुरी) और एक पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी मिला। मौके पर टीटू चैहान नामक व्यक्ति मिला। टीम ने उससे सिलेंडरों के भंडारण और रिफिलिंग के दस्तावेज मांगे, तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। इसी बीच मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी टीटू चैहान टीम को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा।
पूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि गैस का अवैध भंडारण और रिफिलिंग करना द्रवित पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण का विनियमन) आदेश 2000 का उल्लंघन है। यह आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है। आरोपी के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। वहीं बरामद किए गए सभी 17 सिलेंडरों और उपकरणों को जब्त कर मैसर्स थापर गैस सर्विस की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। छापामार टीम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रानू रस्तोगी, पूर्ति निरीक्षक अजय कुमार सिंह, सुमन सारस्वत, सुनील कुमार सिंह और लिपिक राजीव तिवारी शामिल रहे। विभाग का कहना है कि शहर में इस तरह के अवैध केंद्रों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
