साहब! मेहनताना देने के बजाए धमकी दे रहा प्रधान
कलेक्ट्रेट पर दर्जनों मजदूरों ने किया धरना-प्रदर्शन
मप्र से आलू खुदाई के लिए बुलाए गए थे सभी मजदूर
ढाई लाख की मजदूरी रोक प्रधान ने धमकी देकर भगाया
आगरा। अपनी खून पसीने की कमाई पाने के लिए जबलपुर के मजदूरों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी से गुहार लगाई। इन मजदूरों का कहना है उन्होंने एक प्रधान के कहने पर खेतों में आलू खुदाई का काम किया, लेकिन जब मेहनताना देने की बात आई तो वह मुकर गया। धमकी दी कि तुम लोग बाहर के हो, हमारा कुछ नहीं कर सकते। मजदूरों का कहना है कि उनके समक्ष दो-जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया। उन्होंने कलेक्टर से दखल की बात कही है।
मजदूरों का कहना है कि वे लोग मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले हैं। उनके पास डौकी क्षेत्र के गांव वाजिदपुर के प्रधान छोटे लाल मजदूरी पर आलू खुदाई का प्रस्ताव रखा। पर व्यक्ति पांच सौ रुपये प्रतिदिन मजदूरी तय हुई। वह करीब 80 लोग आलू खुदाई, बिनाई और भराई के लिए मजदूरी पर लगे। प्रधान ने उन सभी गांव के ही श्रीप्रकाश, सौरभ और देवेन्द्र के खेतों पर काम पर लगाया। जहां उन सभी को मजदूरी की एवज में खाने-पीने और खर्चा आदि के लिए अब तक कुल 82 हजार रूपया दिया गया। जब उन्होंने मेहनताना मांगा को कई दिनों की टालमटोल के बाद धमकी देकर भगा दिया गया। बकौल मजदूरों के अनुसार उनका खाना-खर्चा काटकर करीब ढाई लाख रुपया मजदूरी का बकाया है।
प्रधान छोटे लाल ने उनको धमकी देकर मजदूरी देने से इंकार कर दिया। पगार नहीं मिलने की वजह से उनके समक्ष रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जिला मुख्यालय पर धरना देकर बैठे इन दिहाडी मजदूरों ने जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी के नाम दिए शिकायत पत्र में दबंग प्रधान से मजदूरी दिलाने की मांग की है। धरना देने वाले मजदूरों में संतोष, सनीराम, दीपन, मालक लोनी सहित अन्य मजदूर बडी संख्या में शामिल रहे।


