जो भी साधन मिले, भारतीय तुरंत छोड दें ईरान, भारत ने अपने नागरिकों को दी सलाह
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को जारी की एडवायजरी में ईरान में मौजूद सभी भारतीयों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास ने कहाकि जो भी साधन उपलब्ध हो, उसका उपयोग कर भारतीय नागरिक जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकल जाएं।
भारतीय दूतावास द्वारा जारी एडवायजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ईरान में तेजी से बदलते सुरक्षा हालातों को देखते हुए वहां मौजूद छात्र, पर्यटक, कारोबारी और श्रद्धालु जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें। दूतावास ने सुझाव दिया है कि व्यावसायिक उड़ानोंया परिवहन के जो भी अन्य साधन उपलब्ध हों, उनका उपयोग कर नागरिक सुरक्षित स्थानों की ओर प्रस्थान करें।
दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारतीयों से कहा गया है कि वे विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें और स्थानीय मीडिया की खबरों पर नजर रखें। इसके अलावा सभी को अपने पासपोर्ट और पहचान पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज हर समय साथ और सुलभ रखने को कहा गया है। जिन भारतीयों ने अब तक दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से तुरंत रजिस्ट्रेशन करने का निर्देश दिया गया है। इंटरनेट बाधित होने की स्थिति में भारत में रहने वाले परिवार के सदस्यों से यह पंजीकरण पूरा करने का अनुरोध किया गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा
ईरान से भारतीयों को निकालने का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए एक सीमित सैन्य हमले पर विचार कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो अमेरिका ईरान के नेतृत्व को कमजोर करने या सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से बड़ा अभियान शुरू कर सकता है। हालांकि, ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने उम्मीद जताई है कि गुरुवार को जेनेवा में होने वाली अगले दौर की बातचीत में कोई समाधान निकल सकता है।
ईरान के भीतर भी आंतरिक अशांति
बाहरी सैन्य खतरे के साथ-साथ ईरान अपने देश के भीतर भी गंभीर नागरिक अशांति का सामना कर रहा है। तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों के विश्वविद्यालयों में छात्र सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। पिछले महीने हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की घातक कार्रवाई के बाद लोगों में गुस्सा और बढ़ गया है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हो रही हैं। इसी दोहरे संकट को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर (़989128109115, ़989128109109) भी जारी किए हैं।


