फर्जी आधार पर 5 साल में 250 लोगों के नाम से कराए 2.5 करोड के लोन, पुलिस ने गैंग का किया खुलासा, एक ठग दबोचा
आगरा की साइबर क्राइम पुलिस ने किया गैंग का खुलासा
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में की जा रही छापेमारी
आगरा। लोगों के आधार कार्ड की फोटो और पता बदलकर बैंकों और फाइनेंस कंपनियों से लोन कराने वाले गैंग का थाना साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने 5 वर्षो में 250 लोगों से 2.5 करोड़ से अधिक की ठगी की वारदात कबूल की। पुलिस आरोपी के अन्य साथियों की तलाश कर रही है।
डीसीपी वेस्ट और साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि शास्त्रीपुरम निवासी शैलेंद्र ने पिछले साल 6 अप्रैल को आगरा के साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि बजाज फाइनेंस से किसी व्यक्ति ने उनके नाम पर एक आईफोन और दो अन्य मोबाइल फाइनेंस कराए हैं। कंपनी उनसे किश्तों की मांग कर रही है। जांच में पता चला कि पीड़ित के आधार कार्ड को एडिट कर उसमें दूसरी फोटो और पता बदलकर मोबाइल फाइनेंस कराए हैं। आरोपी ने आधार कार्ड की मदद से पीड़ित की सिबिल में तीन नई मेल आईडी जोड़ रखी थीं। पुलिस ने मामले की जांच के बाद मंगलवार को एक आरोपी नारायण उर्फ नितिन चैरसिया निवासी न्यू आदर्श नगर बल्केश्वर को गिरफ्तार किया। वह वर्तमान में गढ़ी भदौरिया के चाणक्य पुरी में रह रहा है। उसके पास से एक मोबाइल, आधार कार्ड और एक हजार रुपये बरामद हुए हैं। उसके साथियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी नारायण उर्फ नितिन ने मनोज और शैलेन्द्र नाम से कई लोन लेने की बात इकबाल की। आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी दिल्ली निवासी सन्नी उर्फ प्रमोद और संजेश के साथ मिलकर 5 वर्षों में 250 से अधिक लोगों के नाम से 2.5 करोड़ से अधिक के लोन करा चुका था। जिस पते पर वह किराए पर रहता था, लोन की केवाईसी उसी पते पर करवाता था। मकान मालिक को भी एडिट किया आधार कार्ड देकर फर्जी नाम बताता था। बैंक की रिकवरी आने से पहले ही ठिकाना बदल देता था।
