आरटीई के तहत प्रवेश न देने वाले निजी स्कूलों की मान्यता होगी रद्दःडीएम
गरीब बच्चों के पढ़ाई का सपना होगा साकार, आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दिलाया जाएगा प्रवेश
तीन चरणों में आरटीई की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया होगी शुरू, प्रथम चरण 2 से 16 फरवरी तक चलेगा
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने दिए सख्त निर्देश, शिक्षा से वंचित न रहे पात्र बच्चा
आगरा। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर पात्र बच्चों को निजी स्कूलों में शत-प्रति शत बच्चों का आरटीई के तहत प्रवेश दिलाना सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक में दिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहाकि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 के तहत निजी स्कूलों में वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए सीट आरक्षित हैं। ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। प्रथम चरण आवेदन 2 फरवरी से 16 फरवरी, सत्यापन की अंतिम तिथि 16 फरवरी व लॉटरी 18 फरवरी को निकाली जाएगी। जबकि द्वितीय चरण का आवेदन 21 फरवरी से 7 मार्च तक आमंत्रित किए जाएंगे। सत्यापन की अंतिम तिथि 7 मार्च और लॉटरी प्रक्रिया 9 मार्च को होगी। वहीं तृतीय चरण में आवेदन 12 मार्च से 25 मार्च तक, सत्यापन की अंतिम तिथि 25 मार्च और लॉटरी प्रक्रिया 27 मार्च को होगी।
बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर व वंचित, कमजोर वर्ग के बच्चों को 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश मिलेगा। आवेदन 2 फरवरी से तीन चरणों में होंगे, जिसकी अंतिम तिथि 25 मार्च है। अभिभावकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित की जाएगी, जिसके लिए समय सारणी जारी कर दी गई है। लॉटरी के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालयों को आवंटन के सापेक्ष नामांकन के आदेश जारी किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले जिले के सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं की कुल सीटों का कम से कम 25 प्रतिशत के आधार पर शत-प्रतिशत मैपिंग और रजिस्ट्रेशन का कार्य पूरा किया जाएगा। साथ ही नामांकन करने के लिए हर विकास खंड में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ऐसे सभी स्कूलों जो शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 के अंतर्गत निजी-प्राइवेट स्कूलों में वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत प्रवेश दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रवेश न लेने वाले प्राइवेट स्कूलों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहाकि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि अगर कोई निजी-प्राइवेट स्कूल आवंटित बच्चे को एडमिशन देने से मना करता है, तो उसकी मान्यता भी रद्द करने की संस्तुति की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कोई अभिभावक फर्जी दस्तावेजों से एडमिशन कराने की कोशिश करेगा तो उस पर भी विधिक कार्यवाही होगी। प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद स्कूल को बच्चे का विवरण आरटीई ऑनलाइन पोर्टल और यूडाइस पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा। उन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक शुल्क वसूली, प्रति वर्ष ड्रेस बदलने, अनावश्यक स्कूल की ब्रांडिंग सामग्री का बोझ अभिभावक व बच्चों पर डालने आदि पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही और सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।
