किसान हरी खाद का ज्यादा से ज्यादा करें प्रयोगः कृषि निदेशक

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बटेश्वर धाम बाह में किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी में लगाए स्टालों का कृषि निदेशक डाॅ. पंकज त्रिपाठी ने किया अवलोकन

पीएम किसान योजना, फार्मर रजिस्ट्री, पाॅश मशीन के जरिए अनुदान पर बीज वितरण, फसल बीमा आदि की दी जानकारी

आगरा। कृषि विभाग द्वारा बटेश्वर धाम प्रांगण बाह में चार दिवसीय विराट किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी का आयोजन शुक्रवार को मुख्य अतिथि डाॅ. पंकज त्रिपाठी कृषि निदेशक उप्र की अध्यक्षता में हुआ। दीप प्रज्ज्वलन और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यापर्ण से शुरू हुए किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी‘ में विभिन्न विभागों और कम्पनियों द्वारा लगाये गये स्टालों का उन्होंने अवलोकन किया।

उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी।कृषि निदेशक ने सबमिशन आॅन मैकेनाईजेशन योजना के तहत चयनित एफपीओ, आरजेजेडी फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी के अध्यक्ष रक्षपाल सिंह त्यागी को फार्म मशीनरी बैंक की चाबी प्रदान कर प्रगतिशील कृषकों को प्रमाण पत्र और मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये। कृषि निदेशक ने कृषकों को हरी खाद का प्रयोग करने और विभाग में संचालित पीएम किसान योजना, फार्मर रजिस्ट्री, पाॅश मशीन के जरिए अनुदान पर बीज वितरण, फसल बीमा आदि योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी दी। संयुक्त कृषि निदेशक, आगरा मण्डल ने कृषकों को फसल में दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचने के लिए 31 दिसम्बर तक अपनी फसल का बीमा कराने की सलाह दी।

डाॅ. आरएस चैहान, प्रभारी केवीके बिचपुरी द्वारा आलू की फसल मेें पपड़ी रोग (चेचक) के उपचार के लिए ट्राईकोडर्मा और ड-45 के उपयोग के तरीके के बारे में बताया। डाॅ. राजेश कुमार, उप निदेशक, कृषि रक्षा, आगरा मण्डल द्वारा कृषकों को शत्रु कीट और मित्र कीट के बारे में बताते हुए दीमक, गिड़ार में बायो कीटनाशक विबेरिया बेस्यिाना का प्रयोग करने की सलाह दी। विकास सेठ, सहायक निदेशक (मृदा परीक्षण) ने जनपद में विभाग द्वारा प्रत्येक तहसील स्तर पर संचालित प्रयोग शालाओं में मिट्टी की जांच कराकर उसमें मात्रा के अनुसार ही उर्वरक का प्रयोग करने को प्रेरित किया गया।

सोनू मंगल भूमि संरक्षण अधिकारी मथुरा द्वारा मिट्टी का क्षरण रोकने को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तहत मेड़बन्दी कराये जाने और खेत तालाब योजना के तहत दी जा रही सब्सिडी के बारे में बताया। सलीम अली खां, सलाहकार द्वारा गेहूं और चावल से मधुमेह रोग होने की संभावना के बारे में बताते हुऐ दैनिक जीवन में मिलेट्स के प्रयोग करने की सलाह दी।

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