हे! मां मेरा क्या कसूर था, मुझे ऐसा दर्द क्यों दिया…
निर्दयी मां की करतूत ने किया ममता को शर्मसार
एक माह की मासूम को सड़क पर फेंक गई कठोर
आवारा कुत्तों का ग्रास बनने से राहगीरों ने बचाया
आगरा। हे! मां..मेरा क्या कसूर था। मैंने जन्म लेकर गुनाह किया या बेटी बनकर। आंख खुली तो तुझे देखा। अब तूने अपनाने के बजाय खुद से अलग कर दिया। गैरों ने तो अपना लिया, मुझे शिकवा तुझसे है। तू अपने आंचल में रखती तो सुकूं मिल जाता। बेचैन हूं मैं, लोग मुझे देखकर तुझ पर इल्जाम लगाएंगे। काश! तू मुझे सडक पर लावारिश छोड़ने से पहले यह सोच लेती। ये उस एक माह की मासूम की दास्तां है जिसे उसी की मां ने खुद से जुदा कर दिया। पुलिस उसकी मां की तलाश कर रही है। फिलहाल बच्ची को उसकी बुआ के सुपुर्द कर दिया गया है।
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में शनिवार को गीतांजलि हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे पड़ी नवजात की चीखें सुनकर राहगीरों के कदम थम गए। उसे कुत्तों ने घेर रखा था। राहगीरों ने उसकी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवजात को आवारा कुत्तों ने घेर लिया था। कुत्तों के बीच तड़पती मासूम को देखकर लोगों ने शोर मचाया। इसी दौरान आसपास के लोगों ने किसी तरह बच्ची को मौत के मुंह से बाहर निकाला। मासूम के शरीर पर हल्के जख्मों के निशान आ चुके थे। दर्द से कराहती बच्ची को छोड़कर उसकी मां मौके से फरार हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बच्ची की बुआ सोना मौके पर पहुंची। नम आंखों के साथ उसने जख्मी हालत में मासूम को अपनी गोद में उठाया। यह नजारा देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं।
इंद्रा ज्योति नगर शाहदरा निवासी सोना पत्नी देवेंद्र ने बताया कि उसके भाई कपिल के साथ दो साल से रह रही ज्योति पहले से शादीशुदा है। वह दोनों लिव-इन में रह रहे थे। ज्योति का एक पांच साल का बेटा भी है। करीब एक माह पूर्व उसने एक बच्ची को जन्म दिया था। कपिल शादियों में हलवाई का काम करता है। पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी चल रही थी। आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 10 बजे चेहरा ढककर महिला ने नवजात को गीतांजलि हॉस्पिटल के पास सड़क किनारे छोड़ दिया और चली गई।
सूचना मिलने पर थाना ट्रांस यमुना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शाहदरा चैकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह और अरविंद कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिसमेंएक नकाबपोश महिला बच्ची को सड़क पर छोड़ते हुए दिखाई दी। फिलहाल एक माह की मासूम को उसकी बुआ के सुपुर्द कर दिया गया है। आरोपी महिला की तलाश कर रही है। तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब किसी को नहीं देंगे मासूम
बच्ची की बुआ सोना और फूफा देवेंद्र ठाकुर ने साफ कहाकि अब वे मासूम को किसी भी हाल में किसी को नहीं देंगे। उन्होंने कहाकि जिस मां ने नवजात को सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया, उसके खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई कराएंगे। बुआ-फूफा का कहना है कि अगर बच्ची के साथ कोई अनहोनी हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
