पार्षद से केंद्रीय मंत्री और अब यूपी भाजपा के नए बॉस, जानिए पंकज चैधरी का राजनीतिक सफर?

0
04_07_2024-pankaj_chaudhary_1200_23752239_2130553

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। जहां कुर्मी समुदाय से आने वाले, सात बार के सांसद और वर्तमान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चैधरी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जाना तय माना जा रहा है।

महाराजगंज सीट से लगातार जीत दर्ज करने वाले चैधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक पार्षद के रूप में की थी और अपनी मजबूत संगठनात्मक पकड़, साफ-सुथरी छवि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ करीबी संबंध के चलते वह अब प्रदेश की राजनीति में शीर्ष स्थान पर पहुंचने के लिए तैयार हैं। पंकज चैधरी का जन्म 20 नवंबर 1964 को गोरखपुर में हुआ था। उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद 1989 में गोरखपुर नगर निगम के पार्षद के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया। इस शुरुआती सफलता के बाद, वह 1990-91 में उप-महापौर (डिप्टी मेयर) के पद पर भी रहे।

उनकी असली पहचान तब बनी जब उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। उन्होंने पहली बार 1991 में महाराजगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, जिसके बाद वह 10वीं लोकसभा के सदस्य बने। तब से लेकर 2024 तक वह इस सीट से रिकॉर्ड सात बार सांसद चुने जा चुके हैं, जो उनकी जनता के बीच अटूट पैठ और लोकप्रियता का प्रमाण है। पंकज चैधरी की राजनीतिक विश्वसनीयता और कौशल को देखते हुए, जुलाई 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया। उन्हें केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री जैसा महत्वपूर्ण पदभार सौंपा गया, जहां वह वर्तमान में भी कार्यरत हैं। नेतृत्व के साथ उनके मजबूत व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध तब सार्वजनिक रूप से चर्चा का विषय बन गए जब जुलाई 2023 में गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की। प्रधानमंत्री का इस तरह निजी तौर पर किसी मंत्री के घर पैदल चलकर जाना, यह स्पष्ट संकेत देता है कि पंकज चैधरी शीर्ष नेतृत्व के कितने भरोसेमंद और करीबी हैं।

राजनीति के साथ-साथ निजी व्यवसाय

एक सफल राजनेता होने के बावजूद, पंकज चैधरी ने अपने निजी जीवन में भी उद्यमशीलता को बनाए रखा है। वह अपने व्यवसाय के माध्यम से भी सक्रिय हैं, जिसमें विशेष रूप से राहत रूह जैसे तेल उत्पाद का व्यवसाय शामिल है। राजनीति और व्यवसाय के बीच संतुलन बनाने की उनकी क्षमता उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है।

अभिभावक और पुश्तैनी व्यवसाय

पंकज चैधरी के पिता स्व. भगवती प्रसाद चैधरी एक प्रतिष्ठित जमींदार थे और उनका परिवार पीढ़ियों से ठंडे तेल के पुश्तैनी कारोबार से जुड़ा रहा है। पंकज चैधरी आज भी अपनी कंपनी के माध्यम से इस कारोबार को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी माता उज्ज्वल चैधरी का भी राजनीति में बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने महाराजगंज जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है, जो इस क्षेत्र में परिवार के राजनीतिक प्रभाव को स्थापित करता है। यह परिवार मूलरूप से गोरखपुर के घंटाघर के पास हरिवंश गली, शेखपुर का निवासी है।

पंकज चैधरी की पत्नी और बच्चे

पंकज चैधरी का विवाह 11 जून 1990 को भाग्यश्री चैधरी से हुआ था। भाग्यश्री चैधरी भी सामाजिक जीवन में सक्रिय हैं और व्यावसायिक रूप से हरबंशराम भगवानदास आयुर्वेदिक संस्थान में निदेशक का पद संभालती हैं। उनके दो बच्चे हैं, रोहन चैधरी और श्रुति चैधरी। उनका परिवार महाराजगंज की राजनीति में इतना प्रभावशाली रहा है कि जब से यह जिला अस्तित्व में आया है, अधिकांश समय तक जिला परिषद पर उनके परिवार के सदस्यों या करीबी समर्थकों का ही वर्चस्व रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *