चुनाव सुधार के लिए निर्वाचन आयोग का निष्पक्ष होना जरूरी, बैलेट से हो मतदानः अखिलेश
कांग्रेस की मांग का सपा सुप्रीमों ने किया समर्थन
खातों में पैसा भेज लोकतंत्र को कर रहे कमजोर
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहाकि चुनाव सुधार तभी होगा, जब निर्वाचन आयोग निष्पक्ष होगा। उन्होंने कहाकि इसे पारदर्शी बनाने के लिए इसमें नियुक्ति के तरीके बदलने की जरूरत है। उन्होंने ईवीएम के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की भी मांग की।
चुनाव सुधार पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए सपा सांसद ने कहाकि निर्वाचन आयोग को निर्भीक होने और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने की जरूरत है। उन्होंने कहाकि चुनाव सुधार निरर्थक है। जब तक निर्वाचन आयोग के अंदर सुधार नहीं होता।
अखिलेश ने कहाकि वह कांग्रेस के इस सुझाव का समर्थन करते हैं कि चुनाव मतपत्रों से होना चाहिए और ऐसा इसलिए होना चाहिए क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक चीजों ईवीएम पर बहुत सवाल खड़े हो रहे हैं, केवल भारत के अंदर ही नहीं, बल्कि विश्व के अन्य देशों में भी। उन्होंने कहाकि जो लोग टेक्नोलॉजी की बात कर रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भारत और जर्मनी की तुलना कर लें, भारत और अमेरिका की तुलना कर लें, भारत और जापान की तुलना कर लें कि हम कहां खड़े हैं।
उन्होंने कहाकि अगर वे संपन्न देश जो टेक्नॉलॉजी में हमसे कई गुना आगे हैं। ईवीएम इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन स्वीकार नहीं कर रहे हैं तो आखिरकार हम ईवीएम को क्यों स्वीकार कर रहे हैं। अखिलेश ने कहाकि अगर उन देशों में लोकतंत्र है और मतपत्रों से वोट डाले जा रहे हैं तो यहां भी बैलेट से वोट डाला जाना चाहिए। उन्होंने कहाकि जर्मनी जैसे देश में बैलेट पेपर से मतदान होता है तो भारत जैसा देश मतपत्रों के जरिये मतदान क्यों नहीं कराता।
सपा सांसद ने चुनाव में धन बांटे जाने का आरोप लगाते हुए कहाकि जो समय- समय पर खातों में पैसा आ जाता है, यह लोकतंत्र को सबसे ज्यादा कमजोर कर रहा है। दस हजार रुपये बिहार में बांट दिए। उन्होंने दावा किया कि जिस समय वह उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में मुफ्त मोबाइल फोन बांटने वाले थे जिसके लिए कैबिनेट से नीति पारित की गई थी तो इसी भाजपा के लोग शोर मचा रहे थे कि यह चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
