चुनाव सुधार पर चर्चा कराए सरकारः राहुल गांधी
एसआईआर के विरोध में विपक्षी दलों ने किया संसद भवन में जोरदार प्रदर्शन
नई दिल्ली। विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने संसद की कार्यवाही शुरु होने से पहले मंगलवार को यहां संसद भवन परिसर के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सोनिया गांधी, खरगे के साथ ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, उपनेता गौरव गोगोई, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, टीआर बालू सहित कई अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर एसआईआर के विरोध में नारेबाजी की। विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार के बाद अब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने बाद में सोशल मीडिया फेसबुक पर विरोध प्रदर्शन की जानकारी देते हुए लिखा कि संसद भवन के बाहर आज इंडिया गठबंधन ने एसआईआर के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह तो जाते हैं कि संसद भारत के लोगों का है, लेकिन जनता के जरूरी मुद्दों पर चर्चा से उनकी सरकार भागती है। लोकतंत्र में मताधिकार से बड़ा जनता का मुद्दा क्या हो सकता है, इसलिए विपक्ष की मांग है कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद में एसआईआर पर गंभीर चर्चा हो।
उन्होंने लिखा वोट से ही हर नागरिक के सारे अधिकार हैं और एसआईआर साफ तौर पर देश के गरीबों और बहुजनों के वोट काटने और चुनावों को एक तरफा बनाने का हथियार है।
प्रियंका वाड्रा ने कहाकि मोदी सरकार और चुनाव आयोग मिलकर एसआईआर के जरिये वोट चोरी को अंजाम दे रहे हैं। यह हमारे करोड़ों दलित, पिछड़े, आदिवासी और वंचित भाई-बहनों से वोट का अधिकार छीनने का संगठित प्रयास है। जितने भी सवाल उठ रहे हैं, चुनाव आयोग किसी सवाल का जवाब नहीं दे रहा है और सरकार खुलकर आयोग का बचाव कर रही है। यह लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने और तानाशाही स्थापित करने की साजिश है। हम यह कतई नहीं होने देंगे।
