इंदौर में उद्योग लगाने को करेंगे प्रेरितः राजेन्द्र तिवारी
प्रवासी भारतीयों का इंदौर में सम्पन्न हुआ विशाल सम्मेलन
दुनिया के 25 देशों के भारतीय मूल के लोगों ने की शिरकत
बडा रावला राजभवन देखा, आगरा से भी शामिल हुए लोग
इंदौर। दुनिया के 25 देशों के 200 भारतीय मूल के नागरिकों ने जूनी इंदौर के बड़ा रावला राजभवन को बड़े कौतूहल के साथ देखा। दरअसल पिछले तीन दिनों से इंदौर आए इन प्रतिनिधियों को आज ग्लोबल इंडियन ऑर्गेनाइजेशन (जीआईओ) के इंदौर चैप्टर के रीजनल प्रेसिडेंट युवराज परदरोज मंडलोई ने अपने राजमहल पर आमंत्रित किया था। इस दौरान एक प्रदर्शनी में इन सभी प्राचीन और दुर्लभ वस्तुओं का प्रदर्शन भी किया गया। इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीयों के इस सम्मेलन में आगरा से गुरमीत कालरा ने भी हिस्सा लिया।
सुबह करीब 10 बजे से ही इन प्रतिनिधियों का बड़ा रावला आगमन प्रारंभ हो गया था। इनकी अगवानी में बड़ा रावला के प्रवेश द्वार पर शहनाई वादन और नगाड़ों की मंगल ध्वनि के साथ ही प्रवेश द्वार के छज्जों से गुलाब के फूलों की पंखुडियों की वर्षा की गई। पंडितों द्वारा वैदिक मंगलाचरण के बीच प्रथम शासक मंडलोई परिवार की ओर से राव राजा श्रीकांत मंडलोई, रानी साहिबा माधवी मंडलोई, जमींदार एवं परिवार के अन्य सदस्यों ने कुमकुम तिलक एवं पुष्प माला पहनाकर उनका स्वागत किया। प्रवेश द्वार के सामने ही बड़े हॉल में यह एक प्रदर्शनी लगाई गई थी जिसमें तत्कालीन रियासत के समय काम आने वाली बहुत सी ऐसी वस्तुएं सजी थीं जिन्हें भारतीय मूल के विदेशी मेहमानों ने बड़ी दिलचस्पी के साथ देखा।
इस प्रदर्शनी में कुछ विदेशी गाड़ियां भी शामिल थीं और तत्कालीन घोड़ा गाड़ी भी देखने को मिली। इंटरनेशनल विथ मेयर के करीब 50 छात्र-छात्राओं ने भी बड़ा रावला आकर इन विदेशी मेहमानों से अपने भविष्य के बारे में मार्गदर्शन प्राप्त किया। इन सभी मेहमानों को बाद में गार्डन थीम पर मालवा के पारंपरिक व्यंजनों का शाही भोज भी परोसा गया।
राव राजा श्रीकांत मंडलोई ने सभी मेहमानों को अपने प्रथम शासनकाल के लोगों से युक्त स्मृति चिह्न भेंट कर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी। इस मौके पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मनोज कुमार आईएएस, जीआईओ के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट रजिन्द्र तिवारी, अभिनव पलसीकर, प्रताप नायर, मनोहर देव, मालवी भाषी प्रतीक्षा नैयर और आगरा से द आर्ट एम्पोरियो फतेहाबाद रोड आगरा के गुरमीत कालरा के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक और प्रबुद्धजन भी मौजूद रहे। सभी ने पूरे बड़ा रावला राजमहल का करीब 3 घंटे तक अवलोकन किया।
मीडिया से चर्चा करते हुए जीआईओ के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट रजिन्द्र तिवारी ने इंदौर की मेहमाननवाजी और यहां की सुंदरता की खुले मन से तारीफ की और वादा भी किया कि वे अपने साथ वाले विदेशी मेहमानों से आग्रह करेंगे कि वे इंदौर के अनुकूल माहौल का लाभ उठाकर अपने कुछ उद्योग और कारोबार भी यहां स्थापित करें।
इंदौर चैप्टर के नवनियुक्त रीजनल प्रेसिडेंट युवराज वरदराज मंडलोई ने भी आश्वस्त किया कि यदि विदेशी मेहमान इंदौर आते हैं तो अपनी 300 बरस पुरानी परंपरा का निर्वाह करते हुए वे और उनका परिवार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। इंदौर वही ऐतिहासिक नगरी है जिसकी हुंडी 300 बरस पहले ही चीन तक भरोसेमंद मानी जाती थी। अब तो यह स्मार्ट सिटी और महानगर की शक्ल लेता जा रहा है जिसकी नींव सन 1716 में उनके वंश के प्रथम शासक राव राजा नंदलाल मंडलोई ने रखी थी।

