मैं दलित हूं इसलिए राम मंदिर के ध्वजा रोहण में नहीं बुलायाः अवधेश प्रसाद
अयोध्या के सासंद को नहीं मिला निमंत्रण
सांसद अवधेश प्रसाद ने जाहिर किया गुस्सा
अयोध्या। राम मंदिर में हुए धर्म ध्वजा स्थापना कार्यक्रम में शामिल न किए जाने पर अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहाकि यह उनकी जाति के कारण हुआ है। उन्होंने इसे राम की मर्यादा के खिलाफ संकीर्ण सोच का उदाहरण बताया।
रामलला के दरबार में धर्म ध्वजा स्थापना कार्यक्रम में मुझे न बुलाए जाने का कारण मेरा दलित समाज से होना है। यह राम की मर्यादा नहीं बल्कि किसी और की संकीर्ण सोच का परिचय है। राम सबके हैं। मेरी लड़ाई किसी पद या निमंत्रण की नहीं, बल्कि सम्मान, बराबरी और संविधान की मर्यादा की है। सांसद का यह बयान समाज और राजनीति में सुनवाई और समानता के मुद्दे पर नई बहस का केंद्र बन गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल अपने अधिकार और समाज के सभी वर्गों के सम्मान की रक्षा करना है।
अयोध्या में राम मंदिर परिसर मंगलवार को एक ऐतिहासिक और दिव्य क्षण का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के आकाशचुंबी शिखर पर धर्मध्वजा का विधिवत आरोहण किया। लगभग दो किलो वजनी केसरिया ध्वजा जब 161 फीट ऊंचे शिखर पर लहराया तो पूरा परिसर जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संत समाज और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। कई भक्तों की आंखें इस अद्भुत दृश्य को देखकर भावनाओं से भर आईं। पीएम मोदी ने इस ध्वजारोहण को भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण और सदियों पुराने घावों के भरने का प्रतीक बताया।
