भूटान से लौटते ही दिल्ली विस्फोट के घायलों ने मिले मोदी
प्रधानमंत्री ने अस्पताल में जाकर घायलों का पूछा हालचाल
लापता रेड इकोस्पोर्ट कार-डीएल-10-सीके-0458 बरामद
नई दिल्ली। भूटान यात्रा से लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे दिल्ली के एलएनजेपी हॉस्पिटल पहुंचे। पीएम ने वहां भर्ती कार धमाके के घायलों से मुलाकात की। गौरतलब है राजधानी दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवंबर को एक भीषण कार विस्फोट हुआ था। जांच एजेंसियों ने इस हमले की साजिश में शामिल आतंकियों को लेकर बड़े खुलासे किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, आतंकी डॉक्टरों ने बड़ी खतरनाक साजिश रची थी। उनका प्लान दिल्ली-एनसीआर में 200 बमों से 26/11 जैसे हमले का था। आतंकियों ने 3 शहरों में टारगेट भी चुने थे और जनवरी में लाल किले की रेकी भी की थी। जानकारी मिली है कि लाल किला के पास हुए धमाके में 8 कार पूरी तरह से नष्ट हो गईं। वहीं 22 अन्य वाहन जैसे ई रिक्शा, ऑटो और टैक्सी बस आदि को भी काफी नुकसान हुआ।
दिल्ली के लाल किला कार धमाके मामले में पुलिस ने श्रीनगर के एक अन्य डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। उसका नाम तजमुल अहमद मलिक है जो जम्मू-कश्मीर के कुलगाम का रहने वाला है। डॉ. तजमुल मलिक श्रीनगर के एसएचएमएस अस्पताल में कार्यरत है। डॉ. तजमुल का नाम फरीदाबाद-दिल्ली मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों के संपर्क में आने के बाद सामने आया है। इसके अलावा विस्फोट मामले में उमर और तारिक को आई-20 कार की सप्लाई करने वाले फरीदाबाद के एक कार डीलर को हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही वाहन खरीदने में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
लापता कार बरामद
हादसे के बाद से लाल रंग की कार लापता थी, जिसके लिए दिल्ली-एनसीआर में अलर्ट जारी किया गया था। अब फरीदाबाद पुलिस ने लाल रंग की इस इकोस्पोर्ट कार को बरामद कर लिया है। इस कार का नंबर डीएल-10-सीके-0458 है। इसके दिल्ली ब्लास्ट मामले के मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर उन नबी से जुड़े होने का संदेह है। यह कार फरीदाबाद के खंदावली गांव के पास खड़ी मिली थी।
कुलपति ने आरोपों का किया खंडन
विवि में काम कर रहे डॉक्टरों की गिरफ्तारी और संस्था पर लगाए जा रहे आरोपों पर अल-फलाह यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. भूपिंदर कौर आनंद ने बयान जारी कर कहाकि हम ऐसे सभी झूठे और अपमानजनक आरोपों की कड़ी निंदा करते हैं और उनका स्पष्ट रूप से खंडन करते हैं। जैसा कि कुछ प्लेटफॉर्म आरोप लगा रहे हैं, विवि में ऐसा कोई भी रसायन या सामग्री विश्वविद्यालय परिसर में इस्तेमाल, संग्रहीत नहीं की जा रही है। विश्वविद्यालय संबंधित जांच अधिकारियों को अपना पूरा सहयोग दे रहा है। ताकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामले में तार्किक, निष्पक्ष और निर्णायक फैसले पर पहुंच सकें। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरीदाबाद से गिरफ्तार आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. शाहीन शाहिद ने कबूल किया वह अपने साथी आतंकी डॉक्टरों के साथ देश भर में हमले की साजिश में जुटी हुई थी। वह पिछले 2 सालों से विस्फोटक इकट्ठा कर रही थी। इस टेरर मॉड्यूल से शाहीन और उसके साथी जुड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुडा हुआ है। इसे फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से ऑपरेट किया जा रहा था।
