9 एग्जिट पोल में बिहार में एनडीए सरकार, 150 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत

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महागठबंधन को 86 सीटें, प्रशांत किशोर की जनसुराज रही बेअसर

पटना। बिहार में दूसरे फेज की वोटिंग खत्म होने के बाद एग्जिट पोल आने शुरू हो गए हैं। 9 पोल के अनुमानों में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। राज्य में 243 सीटों पर 2 फेज में चुनाव हुआ। पहले फेज में 121 सीटों पर 65 प्रतिशत वोटिंग हुई है। वहीं दूसरी फेज में रिकॉर्ड 67 प्रतिशत मतदान हुआ है। रिजल्ट 14 नवंबर को आएगा।

पिछले 2 चुनावों में गलत साबित हुए थे एग्जिट पोल

पिछले 3 विधानसभा चुनावों (2010, 2015, 2020) के एग्जिट पोल्स के रुझान बताते हैं कि सर्वे एजेंसियां वोटर्स का मूड ठीक से पकड़ नहीं पाईं। 2015 में ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने भाजपा प्लस को बढ़त दी थी। जबकि नतीजों में महागठबंधन (आरजेडी-जदयू-कांग्रेस ) ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वहीं, 2020 में तस्वीर उलटी रही। इस बार कई एजेंसियों ने महागठबंधन की जीत का अनुमान लगाया, लेकिन परिणामों में एनडीए ने 125 सीटें जीतकर सरकार बनाई। यानी ज्यादातर पोल्स फिर गलत साबित हुए।

चाणक्य के एग्जिट पोल में भी एनडीए को बहुमत

चाणक्य के एग्जिट पोल में बिहार में एनडीए को 130-138 सीटें दी गई हैं। महागठबंधन को 100 से 108 सीटें मिलती दिखाई गई हैं। अन्य को 3 से 5 सीटें मिल सकती हैं।

पीपुल पल्स के एग्जिट पोल में एनडीए को अधिकतम 159 सीटें

पीपुल पल्स के एग्जिट पोल में बिहार में एनडीए की सरकार बनती नजर आ रही है। यहां इसे 133 से 159 सीटें मिलती दिख रही हैं। महागठबंधन 75-101 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। अन्य को 2 से 13 सीटें मिल सकती हैं।

बिहार में कभी सटीक नहीं रहे एग्जिट पोल्स, ये हैं वजह

बिहार में एग्जिट-पोल्स पूरी तरह भरोसेमंद कभी नहीं रहे। सीटों को लेकर हर बार इनका गणित बिगड़ा है। हालांकि कुछ एग्जिट पोल में वोट प्रतिशत अनुमान करीब रहा है, लेकिन कितनी सीटें किस गठबंधन को मिलेंगी, ये बताने में नाकाम रहे।

माइग्रेंट वोटर्सः बिहार से बाहर काम करने वाले लाखों प्रवासी वोट देने के बाद लौटने की जल्दबाजी में होते हैं। ऐसे में उन्हें एक्जिट पोल सैंपल में शामिल करना मुश्किल होता है।

जाति-आधारित वोटिंग पैटर्नः बिहार में जातीय समीकरण जटिल है और एक्जिट पोलर्स अक्सर छोटे सैंपल साइज के कारण निचली जातियों के शिफ्ट को मिस कर देते हैं।

साइलेंट वोटर्सः बिहार में बड़ा वर्ग साइलेंट वोटर है। यह चुनाव से जुड़े सर्वे करने वालों के सामने अपनी राजनीतिक पसंद या मतदान के इरादे को नहीं बताता है।

महिला वोटर्सः बिहार में महिलाओं का वोटर टर्नआउट पुरुषों से अधिक (2020 में महिलाओं का टर्नआउट 59.69 प्रतिशत जबकि पुरुषों का 54.45 प्रतिशत था) रहा है। महिलाएं पुरुषों और युवाओं के मुकाबले अपना ओपिनियन खुलकर शेयर नहीं करती हैं। इससे सर्वे के अनुमान बिगड़ जाते हैं।

 

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