जम्मू-कश्मीर रास चुनावः एनसी के तीन उम्मीदवार जीते, एक पर भाजपा का कब्जा
श्रीनगर। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू.कश्मीर में 24 अक्टूबर को हुए राज्यसभा चुनाव श्रीनगर विधानसभा परिसर में शांतिपूर्वक संपन्न हुए। राज्यसभा चुनाव के लिए 88 में से 86 विधायकों ने अपने वोट डाले। हिरासत में लिए गए विधायक मेहराज मलिक ने डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया। कांग्रेस, पीडीपी, सीपीआई एम,एआईपी और छह निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन से सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस एनसी गठबंधन ने निर्णायक बहुमत हासिल किया। उसकी चार में से तीन सीटों पर आसान जीत दर्ज की।एनसी के उम्मीदवार चैधरी मोहम्मद रमजान, सज्जाद किचलू और शम्मी ओबेरॉय राज्यसभा में प्रवेश कर गए। इससे 88 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी की प्रमुख स्थिति की पुष्टि हुई।
चैथी सीट के लिए मुकाबला एनसी के इमरान नबी डार और भाजपा के सत शर्मा के बीच था। जहां शर्मा ने बहुमत के 32 वोटों से जीत हासिल की। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के मतदान में भाग न लेने के बावजूद एनसी ने पहले सभी चार सीटों पर जीत हासिल करने का विश्वास व्यक्त किया था। इस बात पर जोर दिया था कि ये परिणाम अनुच्छेद 370 के बाद की राजनीतिक स्थिरता और केंद्र शासित प्रदेश में एनसी के नेतृत्व वाले गठबंधन की ताकत में मतदाताओं के विश्वास को दर्शाते हैं।
जम्मू.कश्मीर में राज्यसभा चुनाव के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चार उम्मीदवार उतारे। जबकि भाजपा ने तीन उम्मीदवार उतारे। एनसी उम्मीदवार इमरान नबी डार, चैधरी मुहम्मद रमजान, सज्जाद किचलू और शम्मी ओबेरॉय हैं। तीन राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा के उम्मीदवार सत पॉल शर्मा, गुलाम मोहम्मद मीर और राकेश महाजन हैं। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कांग्रेस ने जम्मू.कश्मीर की चार सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवारों को समर्थन दिया है। इस बीच सज्जाद गनी लोन के नेतृत्व वाली जम्मू.कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने राज्यसभा चुनाव से दूरी बनाने का फैसला किया।
