मिल्टन पब्लिक स्कूल में लोक-शास्त्रीय नृत्यों की बिखेरी सतरंगी छटा
देशभर के कलाकारों ने कई मुद्दों पर नाटकों में अभिनय से झकझोरा
आगरा। संस्कार भारती नाट्य केंद्र द्वारा मिल्टन पब्लिक स्कूल के सहयोग से 21वें राष्ट्रीय नाट्य और नृत्य महोत्सव में देश के विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों से गुलजार हो उठा है। सुबह जहां नृत्य प्रतियोगिताओं में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं शाम को नाट्य प्रतियोगिताओं में अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाई।

नाट्य प्रतियोगिता का उदघाटन मुख्य अतिथि प्रधान आयकर आयुक्त अनुपम कांत गर्ग ने किया। उनका स्वागत मिल्टन पब्लिक स्कूल के एमडी डॉ. राहुल राज ने किया। निर्णायक पटना बिहार से आए रंगकर्मी अभय सिन्हा, उड़ीसा के प्रसन्ना दास और प्रयागराज के अजीत बहादुर थे। थिएटर मूवमेंट कटक (उड़ीसा) के कलाकारों ने राधा रंजन दास लिखित नाटक पुनश्चः पृथ्वी मंचित किया जिसके निर्देशक अर्पित राउत थे।

मुंबई के कलाकारों ने युवराज लिखित और निर्देशित नाटक महाकुंभ मंचित किया। अभिनायक रंगमंच दिल्ली के कलाकारों ने अमूल सागर नाथ लिखित नाटक मेरा वजूद मंचित किया, निर्देशक ऋतिका मल्होत्रा थीं। विंज एंटरटेनमेंट गिरिडीह (झारखंड) के कलाकारों ने विनीत स्वरूप लिखित-निर्देशित नाटक काली रात मंचित किया। चूमतांग क्रिएटिव आर्टिस्ट एसोसिएशन इंफाल (मणिपुर) के कलाकारों ने नीलाध्वजा कूमन लिखित और युमाम जोगिंदर सिंह निर्देशित नाटक तैजर वेपन मंचित किया।
लोक और शास्त्रीय नृत्यों में कलाकारों ने मोहा मन
नृत्य प्रतियोगिताओं में कलाकारों ने लोक-शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। दीप प्रज्ज्वलित कर उदघाटन संस्कार भारती नाट्य केंद्र के संस्थापक निदेशक केशव प्रसाद सिंह ने किया। वहीं नृत्य प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल के सदस्य पुरुषोत्तम मयूरा व ज्योति खंडेलवाल ने किया। नृत्य प्रतियोगिताओं में नटराज यूथ क्लब साहिबगंज और महाश्वेता कला केंद्र झारखंड के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। मंच संचालन वाणी सक्सेना ने किया। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक डॉ. महेश धाकड़, अध्यक्ष पंकज सक्सेना, कार्यकारी निदेशक अजय दुबे, सचिव नीता तिवारी, उमा शंकर मिश्र, संजय चतुर्वेदी, चंद्र शेखर बहावर, अनीता परिहार, विशाल झा आदि भी मौजूद थे।
