गरबा में हिंदुओं को प्रवेश केवल आधार-तिलक
विहिप का गरबा में एंट्री के नए नियम पर बढ़ा सियासी संग्राम
मुंबई। विश्व हिंदू परिषद ने शनिवार को कहाकि नवरात्रि पर आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश दिया जाना चाहिए। साथ ही आयोजकों को सलाह दी कि वे पहचान के लिए प्रवेश करने वालों का आधार कार्ड देखें। इस सलाह पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं, लेकिन महाराष्ट्र के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहाकि आयोजकों को किसी कार्यक्रम में प्रवेश की शर्तें तय करने का अधिकार है, बशर्ते वह पुलिस की अनुमति से आयोजित हो। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने विहिप की आलोचना करते हुए कहाकि वह समाज में आग लगाने की कोशिश कर रही है।
विहिप की सलाह में कहा गया है कि गरबा आयोजकों को प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड की जांच करनी चाहिए। प्रतिभागियों को तिलक लगाना चाहिए और प्रवेश से पहले पूजा सुनिश्चित करनी चाहिए। कहाकि विहिप और बजरंग दल के सदस्य राज्य भर में गरबा आयोजनों पर सक्रिय रूप से नजर रखेंगे। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहाकि गरबा महज एक नृत्य नहीं, बल्कि देवी को प्रसन्न करने की पूजा का एक रूप है। वे यानी मुस्लिम समाज के लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते। केवल उन्हीं लोगों को इसमें भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए, जिनकी इन अनुष्ठानों में आस्था है।
नायर ने कहाकि विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता आयोजनों पर नजर रखेंगे। गरबा पूजा का एक रूप है, मनोरंजन नहीं। जिन लोगों की देवी में आस्था नहीं है, उन्हें इसका हिस्सा नहीं बनना चाहिए। विहिप के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहाकि इस तरह के (प्रवेश पर) प्रतिबंध लगाना आयोजन समितियों के अधिकार क्षेत्र में है। महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया प्रमुख नवनाथ बान ने विहिप की घोषणा पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए जोर देकर कहा कि गरबा एक हिंदू आयोजन है और अन्य धर्मों के लोगों को हिंदुओं द्वारा गरबा करने और देवी की पूजा करने में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
इस मुद्दे पर बोलते हुए, महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व राज्य मंत्री विजय वडेट्टीवार ने कहा, वे (विहिप) समाज में आग लगाना चाहते हैं। वे धर्म के आधार पर समाज को बांटना चाहते हैं और इससे राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं। विहिप ने जो कहा है, वह कोई नई बात नहीं है। इस संगठन का जन्म ही देश को अस्थिर करने के इरादे से हुआ है। महाराष्ट्र और पूरे भारत में सबसे लोकप्रिय हिंदू त्योहारों में से एक, नवरात्रि इस साल 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मनाया जाएगा।
