आरपीएफ -आगरा फ़ोर्ट ने मानव तस्करों के कब्जे से मुक्त कराई 12 वर्षीय बच्ची,
पुलिस ने महिला सहित 3 मानव तस्करों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
बिहार से खरीदकर बीकानेर ले जा रहे थे नाबालिग बच्ची
आगरा। आपरेशन आहट के तहत मानव तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे चेकिंग अभिया न के दौरान आरपीएफ आगरा फोर्ट ने नाबालिग लड़की को मुक्त कराने में कामयाबी हासिल की है।
टूंडला से आगरा फोर्ट आ रही गोहाटी-बीकानेर एक्सप्रेस के सामान्य कोच में एक नाबा लिक बच्ची संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी। पूछताछ में 12 वर्षीय बच्ची ने अपना नाम फुलझड़ी कुमारी पुत्री कैलाश ऋषि देव निवासी बेला बदन, पिपरा पूर्णिया, बिहार बताया। बच्ची ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसे 10 हजार रूपये लेकर राजस्थान के रहने वाले गोपाल से शादी करवा दी। गोपाल उसे जबरदस्ती अपने साथ राजस्थान ले जा रहा है। वह उसके साथ नहीं जाना चाहती है। आरपीएफ ने बच्ची के बगल में बैठे गोपाल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक शिम्पी देवी नामक महिला भी शामिल है। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरपीएफ ने मामला एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना आगरा के सुपुर्द कर दिया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। वहीं
नाबालिक बच्ची को बाल कल्याण समिति आगरा के समक्ष पेश किया गया। नाबालिग बच्ची को बरामद करने वाली टीम में आरपीएफ इंस्पेक्टर आगरा फोर्ट प्रिय व्रत दहिया, सब इंस्पेक्टर मनीषा, कांस्टेबल संजय सिंह, योगेन्द्र शर्मा और असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर ललित यादव शामिल रहे।
