आरपीएफ फोर्ट ने मानव तस्करों से मुक्त कराए आधा दर्जन नाबालिग बच्चे
साबरमती जनसाधारण एक्सप्रेस से बिहार से गुजरात ले जाए जा रहे थे सभी बच्चे
ऑपरेशन आहट के तहत आरपीएफ और बीबीए-यूपी टीम ने की संयुक्त कार्रवाई
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना पुलिस ने दोनों गिरफ्तार मानव तस्करों को भेजा जेल
आगरा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने आगरा फोर्ट स्टेशन पर आपरेशन आहट के तहत ट्रेन में सफर कर रहे आधा दर्जन नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। रेलवे पुलिस ने इस दौरान दो मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया। साबरमती जनसाधारण एक्सप्रेस के सामान्य कोच से इन बच्चों को बाल मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था। बरामद बच्चों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ऑपरेशन आहट के तहत रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मानव तस्करी और बाल श्रम रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत शुक्रवार को 27 मार्च को आरपीएफ पोस्ट आगरा किला से एएसआई जेपी यादव, कांस्टेबल संजय सिंह, अनिल कुमार गौतम और बीबीए-यूपी (बचपन बचाओ आंदोलन उत्तर प्रदेश) के सहायक परियोजना अधिकारी ललित यादव की संयुक्त टीम ने टूंडला से आगरा किला सेक्शन के बीच ट्रेन संख्या 15269 साबरमती जनसाधारण एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान सामान्य कोच संख्या 202797 में दो समूहों में 6 नाबालिग बच्चे संदिग्ध अवस्था में बैठे पाया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जा रहा है। उन्हें ट्रेन में बैठने पर 500 से 700 रुपये प्रति बच्चा, टिकट का खर्च और रास्ते में खाने-पीने के लिए पैसे दिए गए। इससे जाहिर होता है कि बच्चों को लालच देकर बाल मजदूरी और मानव तस्करी के मकसद से ले जाया जा रहा था। बच्चों की निशानदेही पर कोच से ही दो मानव तस्करों को टीम ने दबोचा। पूछताछ में दोनों ने बच्चों को पैसों का लालच देकर गुजरात ले जाना कबूल किया। गिरफ्तार आरोपियों में चूमन कुमार पुत्र सूरज साहनी निवासी गांव मथरवा, जिला पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी), बिहार और कमलेश्वर यादव पुत्र लाल बाबू यादव निवासी गांव बूढनर महुआबा, थाना चिरैया, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी), बिहार शामिल हैं। इनको एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने को सौंपा गया। दोनों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किए गए बच्चे
मानव तस्करों से मुक्त कराए गए सभी 6 नाबालिग बच्चों को चाइल्ड लाइन आगरा के केस वर्कर सनी कुमार की निगरानी में रखा गया है। अब इन्हें आगे की कानूनी और संरक्षण प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति आगरा के समक्ष पेश किया जाएगा। इन बच्चों 16 वर्षीय प्रेम कुमार पुत्र शम्भू माझी, 12 वर्षीय मुकेश कुमार पुत्र उपेन्द्र मांझी, 15 वर्षीय संदीप कुमार पुत्र विकास मांझी, 15 वर्षीय मनु कुमार पुत्र मटूकराय, 13 वर्षीय आदित्य कुमार पुत्र शैलेन्द्र राय और 17 वर्षीय सुजीत कुमार पुत्र राजेश्वर राय हैं। उक्त सभी बच्चे जिला पूर्वी चम्पारण बिहार हैं।

