स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार, कहा- अब न्याय की उम्मीद बेमानी

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वाराणसी। ज्योतिष पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी पहुंचे। उन्होंने उत्तर प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। प्रयागराज माघ मेले में हुए विवाद और बटुकों के साथ हुए दुव्र्यवहार के बाद काशी लौटे शंकराचार्य ने कहाकि मौजूदा व्यवस्था में न्याय की आशा करना व्यर्थ है, क्योंकि सरकार अपनी गलतियों को सुधारने के बजाय उन्हें अनदेखा कर रही है।

शंकराचार्य ने प्रयागराज की घटना का हवाला देते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहाकि जिस तरह से पुलिस और प्रशासन ने बटुकों के साथ अभद्रता की और उनकी चोटी पकड़कर घसीटा, वह पूरे देश ने देखा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहाकि 11 दिनों तक अवसर देने के बावजूद सरकार ने न तो अपनी गलती मानी और न ही दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में न्याय के लिए कोई स्थान नहीं बचा है।

यूजीसी नियमों को बताया सनातन के लिए खतरा

पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने इन नियमों को हिंदू समाज और सनातन धर्म के लिए घातक बताया। उनका तर्क है कि ये नियम समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाले हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इन नए प्रावधानों के जरिए जातियों के बीच आपसी संघर्ष को बढ़ावा मिलेगा और यह हिंदू समाज को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

माघ मेले से बिना स्नान किए काशी वापसी

प्रयागराज के माघ मेले में कई दिनों तक धरने पर बैठने के बाद, शंकराचार्य ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए बिना स्नान किए ही काशी लौटने का निर्णय लिया। बुधवार रात जब वे वाराणसी के केदार घाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे, तो वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण दिखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक धर्म और परंपराओं का सम्मान सुरक्षित नहीं होगा, तब तक उनका यह विरोध और नाराजगी बनी रहेगी।

मठ की सुरक्षा और प्रशासनिक मुस्तैदी

शंकराचार्य के तीखे तेवरों और काशी वापसी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। भेलूपुर पुलिस ने श्रीविद्या मठ और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े घेरे तैयार किए हैं। स्वामी जी के बयानों के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। प्रशासन इस बात पर नजर बनाए हुए है कि उनके समर्थकों की ओर से कोई बड़ी प्रतिक्रिया न हो।

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