कोहरे का कोहरामः मथुरा में 8 बसें-3 कारें टकराईं, 13 जिंदा जले

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यमुना एक्सप्रेस-वे पर बल्देव क्षेत्र में तडके हुआ भीषण हादसा

शरीर के टुकड़े 17 पॉलीथिन में ले गए, सौ से ज्यादा घायल

मृतकों का बढ सकता है आंकडा, डीएनए टेस्ट होगी पहचान

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तडकेघने कोहरे के कारण हुए भीषण सड़क हादसे में कई बसों और कारों की टक्कर के बाद आग लगने से अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 100 से अधिक लोग घायल हो गए। कई लाशें इस कदर जली हुई हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल है। मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि कुछ शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हैं। पुलिस शरीर के टुकड़ों को 17 पॉलिथीन बैग में भर कर ले गई। इनकी पहचान डीएनए टेस्ट से की जाएगी।

मथुरा बलदेव थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 127 पर आगरा से नोएडा की ओर जा रही करीब 7 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। हादसे के बाद लगी आग इतनी भयानक थी कि कई लोगों को तो बचने का मौका ही नहीं मिला। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की जलकर मौत की पुष्टि हुई है। इनमें एक भाजपा नेता भी शामिल बताया जा रहा है। घायलों में कई की हालत गंभीर है। फायर ब्रिगेड की दमकलों आग पर काबू पा लिया। हादसे के बाद बसों से कंकाल, खोपड़ियां और अधजली लाशें निकालीं गईं, तो देखने वालों का कलेजा कांप गया। आग इतनी भयानक थी कि एक्सप्रेस-वे पर सफेद पट्टी तक पूरी तरह पिघल कर मिट गई। कई लाश बसों की सीटों पर चिपकी हुईं मिलीं। पुलिस ने इन लाशों को बसों से बाहर निकाला। इनको 17 बैग में रखकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया है।

हादसा सुबह करीब 4.30 बजे हुआ। घने कोहरे में विजिबिलिटी बेहद कम थी, जिससे चालकों को आगे का कुछ दिखाई नहीं दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज बम फटने जैसी थी। बसों में सवार कई यात्री सो रहे थे, जिन्हें भागने का मौका नहीं मिला। आसपास के लोग और राहगीर पहले पहुंचे और शीशे तोड़कर कुछ यात्रियों को निकाला, लेकिन आग तेजी से फैल गई। रेस्क्यू में देरी की भी शिकायतें आईं।पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमों ने करीब 50 जवानों की मदद से 6 घंटे के ऑपरेशन में राहत कार्य पूरा किया। हादसे से एक्सप्रेसवे पर 3 किमी लंबा जाम लग गया। घायलों को 11 एम्बुलेंस से मथुरा जिला अस्पताल, वृंदावन अस्पताल और गंभीर मामलों में आगरा रेफर किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुःख जताया और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। साथ ही घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए। हादसे की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसका नेतृत्व एडीएम प्रशासन अमरेश करेंगे।

दृश्यता और कोहरे की चेतावनी पर सवाल

इस भीषण हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के दौरान सुरक्षा मानकों और गति सीमा के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सप्रेस-वे पर आज सुबह विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम थी। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से पहले ही घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन बावजूद इसके यह दुर्घटना हुई। आशंका है कि कुछ वाहनों की गति सीमा निर्धारित मानकों से अधिक रही होगी। पुलिस ने घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और लापरवाह वाहन चालकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रभावित और वैकल्पिक मार्ग

हादसे के कारण यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से आगरा और आगरा से दिल्ली दोनों ओर का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घटनास्थल पर वाहनों का लंबा जाम लग गया है, जिसे साफ करने का कार्य जेसीबी मशीनों की मदद से चल रहा है। पुलिस ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने में कई घंटे लग सकते हैं। यात्रियों को इस रूट पर यात्रा करने से पहले यातायात की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।

 

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