उप्र भाजपा के नए अध्यक्ष के रूप में पंकज चैधरी की हुई ताजपोशी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की घोषणा
लखनऊ। भाजपा कार्यालय में पार्टी की उप्र इकाई के अध्यक्ष पद के नाम की घोषणा रविवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की। है। इस पद के लिए शनिवार को केन्द्रीय मंत्री पंकज चैधरी ने अपना नामांकन दाखिल किया था। उनके मुकाबले में किसी अन्य के पर्चा दाखिल नहीं किया। इस वजह से उनका इस पद के लिए निर्विरोध निर्वाचन हुआ। दरअसल उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा ने गैर-यादव ओबीसी रणनीति का अहम चेहरा मानकर पंकज चैधरी के हाथ में उप्र पार्टी की कमान सौंपी है।
पंकज चैधरी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुर्मी समाज के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार पंकज चैधरी को पार्टी की गैर-यादव ओबीसी रणनीति का अहम चेहरा माना जा रहा है। 20 नवंबर 1964 को गोरखपुर में जन्मे पंकज चैधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में गोरखपुर नगर निगम के पार्षद चुनाव से की थी। गोरखपुर से अलग होकर महाराजगंज नया जिला बना, जिसे उन्होंने अपनी कर्मभूमि बनाया। वे गोरखपुर के डिप्टी मेयर भी रहे। पंकज चैधरी पहली बार 1991 में महाराजगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 1996, 1998, 2004, 2019 और 2024 में उन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज की। 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें, तो उनका राजनीतिक सफर लगातार सफलता की मिसाल रहा है।
पूर्वांचल में उनका प्रभाव कुर्मी ओबीसी सवर्ण सामाजिक समीकरण के तौर पर देखा जाता है। कुर्मी समुदाय उत्तर प्रदेश में यादवों के बाद दूसरा सबसे बड़ा ओबीसी वोट बैंक माना जाता है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 7 से 10 प्रतिशत बताई जाती है। पूर्वांचल, अवध और बुंदेलखंड की करीब 40-50 विधानसभा सीटों पर कुर्मी वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। हाल के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को 33 सीटों का नुकसान हुआ है।
