समीक्षा बैठक में शत-प्रतिशत लक्ष्य के दिए निर्देश
मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में हुई आनलाइन मंडलीय समीक्षा बैठक
कर करेत्तर के कार्यों और राजस्व वसूली की समीक्षा की गई
आगरा। मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह जी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कर करेत्तर के कार्यों और राजस्व वाद निस्तारण की ऑनलाइन हुई मण्डलीय समीक्षा बैठक में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए गए। बैठक में मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि वाणिज्य कर में मथुरा में आरसी के अनुसार नियमित वसूली की जाए। स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन में आगरा में वसूली सबसे कम रही। इस पर वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए।
परिवहन मद में फिरोजाबाद और आगरा की प्रगति कम रही। विद्युत देय में भी फिरोजाबाद की वसूली सबसे कम रही। मण्डल में सबसे ज्यादा लंबित मांग होने के कारण फिरोजाबाद में कर वसूली की प्रगति में सुधार लाने और मुख्य देय में शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए। ओवरऑल वसूली में विगत वित्तीय वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मण्डल के सभी जिलों की वसूली प्रगति में वृद्धि हुई, लेकिन स्टांप, परिवहन और खनिज मद में वसूली की प्रगति में सुधार लाने को कहा।

आगरा और मथुरा में भारी बारिश व यमुना नदी में आई बाढ के कारण निचले इलाकों में पानी भर जाने से प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों लाया गया, जहां उनके रहने व खाने पीने की जिला प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्था की गयी। इसमें क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं का भी सहयोग रहा। मण्डलायुक्त ने स्वयं इसका निरीक्षण किया था। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए की गयी प्रशासन की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। साथ ही निर्देश दिए कि जब तक नदी का स्तर पूरी तरह से नीचे नहीं चला जाता तब तक शिविर में रह रहे प्रभावित परिवारों का उचित ख्याल रखा जाए। घरों से पानी निकलने के बाद जब वे अपने घर जाएंगे तो उनके सामने साफ-सफाई की बड़ी चुनौती होगी। इसलिए अभी से ही सफाई व्यवस्था की तैयारी कर ली जाए। साथ ही चिकित्सीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा में निर्देश दिए कि सभी जिलों में नियमित निस्तारण की प्रक्रिया चलती रहे, कोई भी प्रकरण लंबित न रहे। ई परवाना में अवशेष प्रकरणों का निस्तारण किया जाए। अंश निर्धारण में त्रुटि सुधार को आने वाले प्रार्थना पत्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंडलायुक्त निर्देश दिए कि एक अभियान चलाकर निस्तारण में तेजी लाई जाए। राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार द्वारा बड़े पैमाने पर किए जा रहे असहमतों के प्रकरणों की अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारियों द्वारा रेण्डमली जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा में इस माह आगरा की रैकिंग में गिरावट देखने को मिली। निर्देश दिए गये कि आगरा और फिरोजाबाद में वाद निस्तारण में मेहनत करने की जरूरत है। चारों जिलों में 5 वर्ष से अधिक लंबित वादों का प्रमुखता से निस्तारण किया जाए।
धारा 24, धारा 34, धारा 38 (2) में 3 वर्ष से अधिक लंबित वादों का प्रमुखता से निस्तारण किए जाने के निर्देश दिए। खासतौर से फिरोजाबाद में सबसे ज्यादा वाद लंबित होने के कारण जिलाधिकारी को इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए। धारा 80 में आगरा में 45 दिन से अधिक वाले एक लंबित प्रकरण धारा 101 में सभी लंबित प्रकरणों के निस्तारण किए जाएं। धारा 116 में 5 वर्ष से अधिक लंबित प्रकरण का निस्तारण कर सभी जिलों की रैकिंग में सुधार लाया जाए।

जनपदवार जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा में मंडलायुक्त द्वारा निर्देश दिए कि सभी राजस्व न्यायलयों में उपजिला धिकारी, तहसीलदार और नायाब तहसीलदार द्वारा नियमित सुनवाई की जाए। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आगामी माह में अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायाब तहसीलदार द्वारा किए जा रहे वाद निस्तारण की समीक्षा करें। समीक्षा में सबसे ज्यादा और सबसे कम वाद निस्तारण करने वाले अधिकारियों की सूची तैयार कर आगामी बैठक में प्रस्तुत करें। बैठक में अवर न्यायलयों को प्रेषित मांग पत्र कम संख्या में उपलब्ध कराये जाने पर निर्देश दिए गये कि अवर न्यायालयों एवं आयुक्त न्यायालय से जुड़ी सभी मांग पत्रों को प्रेषित किया जाए।
बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार, जिलाधिकारी आगरा अरविंद मलप्पा बंगारी, जिलाधिकारी मथुरा सीपी सिंह, जिलाधिकारी फिरोजाबाद रमेश रंजन, मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त आगरा शुभांगी शुक्ला सहित सभी अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार मौजूद रहे।
