अखिलेश के श्रीराम पोस्ट पर केशव मौर्य का तंज, डर से बदली सपा की राजनीति
कहा, सपा न रामभक्तों का विश्वास पाएगी और न ही अपना कथित वोट बैंक बचा पाएगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की आहट नेताओं के बयानों से तेज हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को इटावा में निर्माणाधीन श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर में प्रभु राम की अभिराम मूर्ति की फोटो पोस्ट की है। इस पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तंज कसते हुए इसे सपा की अवसरवादी राजनीति का नया चेहरा बताया।
केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश के ट्वीट के जबाब में किए लम्बे-चैडे पोस्ट में सपा पर रामभक्तों के खून के छींटे होने का आरोप लगाते हुए कहाकि 2027 में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, भाजपा के भय से पहले मंदिर बनवाना और अब प्रभु श्रीरामलला की मूर्ति लगवाने की चर्चा करना, यह समाजवादी पार्टी की अवसरवादी राजनीति का नया चेहरा है। विडंबना यह है कि जिस सपा और सपाइयों के दामन पर रामभक्तों के खून के छींटे लगे हों, वे आज रामभक्ति का स्वांग रच रहे हैं।
मौर्य ने सपा की नियत पर सवाल उठाते हुए कहाकि यदि वास्तव में आस्था का सम्मान होता और नीयत सही होती तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बनी ईदगाह को हटाकर भव्य मंदिर निर्माण की बात करते और बाबरी समर्थकों के खिलाफ भी आवाज उठाते। दुविधा में फंसे सपा बहादुर और उनकी पार्टी न तो रामभक्तों का विश्वास पाएगी और न ही अपना कथित वोट बैंक बचा पाएगी। 2027 में इनको न तो हिंदू मिलेगा और न मुसलमान, मिलेगा तो केवल सैफई में स्थान। फिलहाल अखिलेश यादव या सपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दोनों तरफ से बयानबाजी अब बढ़ने का पूरा अंदेशा है। अखिलेश यादव भी भाजपा समेत केशव प्रसाद मौर्य पर कोई तंज कसना कम नहीं करते।
