बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि का दावा, क्या गिरफ्तार होंगे शंकराचार्य

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पीड़ित बटुक बोला, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किया शोषण

वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आ गई है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बुधवार को पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल टेस्ट कराया था। दो डॉक्टरों के पैनल ने प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में मेडिकल टेस्ट किया। रिपोर्ट बंद लिफाफे में गुरुवार को जांच अधिकारी को सौंप दी गई है। शुक्रवार को रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बटुकों से कुकर्म किसने किया? कब किया? कहां किया? ये जांच का विषय है। पूरी जांच के बाद साफ होगा कि अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोप कितने सही हैं। इससे पहले, शंकराचार्य पर केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज ने बुधवार को कहा था कि सारे सबूत हैं। मेडिकल में बटुकों से कुकर्म की पुष्टि हुई है। जल्द न्याय होगा। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया। उसने आज तक को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया। हमारे साथ और भी बच्चे थे, उनका भी शोषण किया गया। किसने शोषण किया ? इस पर पीड़ित ने कहाकि अविमुक्तेश्वरा नंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद। क्या आप माघ मेले की बात कर रहे? इस पर उसने कहा जी, वहां पर भी मेरे साथ 16 जनवरी को शोषण किया गया। शंकराचार्य के शिष्य प्रकाश और अरविंद बच्चों को बाहर से लाते हैं। इसके बाद उनके साथ यौन शोषण किया जाता है।

इधर, अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में मेडिकल रिपोर्ट पर कहाकि आशुतोष महाराज ने रिपोर्ट की बातें बताईं। जांच टीम क्या कर रही है? क्या पुलिस ने उन्हें परमानेंट प्रवक्ता बना लिया? एक हिस्ट्रीशीटर (आशुतोष महाराज) कहानी बनाकर फैला देता है। सारे लोग उसमें दबकर हाय-दइया करने लगते हैं। हमें कोई खतरा नहीं है। अभी हमें मार दो। हम तो अपना पिंडदान कर चुके हैं। जनता को शंकराचार्य की कहानी देखने में लगा दिया गया है। इससे एपस्टीन फाइल से जो चीजें निकलकर आई हैं, उन्हें दबाया जा रहा। अब सवाल यह है कि कोर्ट की प्रोसीडिंग पूरी तरह गोपनीय रहती है। इसके बारे में कोर्ट, शिकायतकर्ता, पुलिस और खुद पीड़ित को ही जानकारी होती है। ऐसे में चैनल को यह किसने बताया कि ये बच्चे हैं? इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाने पर शंकराचार्य ने कहाकि मठ को संरक्षित करने के लिए एक वर्ग होता है। उनका कहना है कि अगर जेल में जाकर आपको जहर का इंजेक्शन लगा दिया गया तो? ऐसी कई तरह की कहानियां सामने आ चुकी हैं।

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