गाजियाबाद में मोबाइल गेम की लत ने छीन ली 3 सगी बहनों की जिन्दगी

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9वीं मंजिल से कूदीं, सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी-पारी सॉरी…

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ही परिवार की तीन सगी नाबालिग बहनों ने ऊंची इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया कि तीनों एक खतरनाक टास्क-आधारित ऑनलाइन मोबाइल गेम की लत का शिकार थीं, जिसने उनकी जिंदगी पर भारी दबाव बना दिया था। यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि हर माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।

यह दर्दनाक घटना गाजियाबाद की एक नामी हाउसिंग सोसाइटी में देर रात घटी। बताया जा रहा है कि जब घर के बाकी सदस्य सो रहे थे, तभी तीनों बहनें चुपचाप बालकनी में गईं और एक के बाद एक नौवीं मंजिल से नीचे कूद गईं। तेज आवाज सुनकर सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व परिजनों को सूचना दी गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को तीनों के शव लहूलुहान हालत में मिले।
टास्क-बेस्ड ‘कोरियन लवर गेम’ की लत का शक

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें पिछले कुछ समय से एक टास्क-आधारित ऑनलाइन गेम खेल रही थीं, जिसे ‘कोरियन लवर गेम’ कहा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गेम ब्लू व्हेल और मोमो चैलेंज जैसे खतरनाक ऑनलाइन गेम्स की तर्ज पर बताया जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों को अलग-अलग स्तरों पर मानसिक दबाव डालने वाले और खुद को नुकसान पहुंचाने वाले टास्क दिए जाते हैं। आशंका जताई जा रही है कि आत्महत्या करना इस गेम के आखिरी टास्क का हिस्सा हो सकता है।

तीनों बहनों ने गेम खेलने से मना करने और पिता की फटकार के कारण यह कदम उठाया। पुलिस जांच में उनके सोने वाले कमरे से 18 पेज की डायरी मिली, जिसमें सुसाइड नोट लिखा था। नोट में लिखा है, मम्मी-पापा, सॉरी हम गेम नहीं छोड़ पा रही हैं। अब आपको एहसास होगा कि हम इस गेम से कितना प्यार करती थीं, जिसे आप छुड़वाना चाहते थे। गाजियाबाद पुलिस ने तीनों बहनों के मोबाइल फोन और घर में मौजूद लैपटॉप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे किस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या सर्वर से जुड़ी थीं और उन्हें इस तरह के टास्क कौन भेज रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं लड़कियों को ऑनलाइन ब्लैकमेल या मानसिक रूप से प्रताड़ित तो नहीं किया जा रहा था। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मोबाइल गेम उनके घर की खुशियां इस तरह छीन लेगा। सोसाइटी और आसपास के इलाके में शोक की लहर है, हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।

ऑनलाइन गेमिंग के खतरों पर फिर उठा सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बच्चों और किशोरों में बढ़ती मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनसे खुलकर बातचीत करनी चाहिए, ताकि समय रहते ऐसे खतरों को रोका जा सके।

 

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