देश में बनेंगे 7 हाई स्पीड रेल काॅरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स, रक्षा बजट 15 फीसद बढा, इन्कम टैक्स में नहीं कोई बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बजट
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश किया। वे 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक एम्स जैसी नई बातें कही हैं।
बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं हुआ। सीतारमण लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले बजट में वित्त मंत्री ने जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों की बात कही और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ कर दिया। यानी कुल डिफेंस बजट में 15.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
डिफेंस बजट की खास बात यह है कि हथियार खरीदी और सेना के आधुनिकी करण पर पिछले साल के 1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस बार 2.19 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह पूंजीगत खर्च में सीधे 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे और पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। देशभर में आवागमन को तेज और सुगम बनाने के लिए 7 हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर विकसित करने की योजना रखी गई है।
बजट में शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाने की घोषणा की। ये मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच बनेंगे। अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वहीं स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 3 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही आयुर्वेदिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए विशेष आयुर्वेद लैब्स की स्थापना की जाएगी। गुजरात के जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड करने की भी घोषणा की गई है, जिससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके। पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए वेटरनरी और पैरावेटरनरी अस्पतालों के लिए प्रोत्साहन (इंसेंटिव) देने की योजना भी शामिल है। इन कदमों से परिवहन, स्वास्थ्य और पशुपालन तीनों क्षेत्रों में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
